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निर्वासित सरकार

TIE Parliamentarians Geshe Gangri and Namgyal Qusar Sworn in

TIE Parliamentarians Geshe Gangri and Namgyal Qusar Sworn in

Dharamsala,14 April: In accordance with the Article 57, clause (I) (II) and the Article 47 of the Charter of Tibetans-in-Exile, Deputy Speaker Acharya Yeshi Phuntsok administered the oath of office to the new Parliament members Ven. Geshe Gangri of Domey province and Mr. Namgyal Qusar of U-Tsang province for the 16th Tibetan Parliament-in-Exile.

जानें हमारे देश में मौजूद विश्व की एकमात्र निर्वासित सरकार के बारे में, रविवार को विश्व भर में हुई वोटिंग

जानें हमारे देश में मौजूद विश्व की एकमात्र निर्वासित सरकार के बारे में, रविवार को विश्व भर में हुई वोटिंग

मैक्‍लोडगंज(कांगड़ा), 03 जनवरी। विश्‍व के इकलौते निर्वासित लोकतंत्र के चुनावों को लेकर रविवार को दुनिया भर में हलचल रही। यह निर्वासित लोकतंत्र है चीन के जबरन कब्‍जे के बाद से निर्वसित हुए तिब्‍बती समुदाय के लोगों का, जो विश्‍व के सबसे बड़े लोकतंत्र में निर्वासित जीवन जीने के साथ ही यहां की लोकतांत्रितक परंपरा को भी अपनाए हुए हैं। हालांकि ऐसा कई वर्षों से होता आ रहा है, मगर इस बार खास बात यह है कि दुनिया भर में अपनी विस्‍तारवादी नीतियों के कारण निशाने पर चल रहे चीन के सबसे बड़ा शिकार तिब्‍बती समुदाय पहली बार विश्‍व विरादरी में मजबूती से उभरा है।

दलाईलामा के उत्तराधिकारी चयन में चीनी हस्तक्षेप रोकने को बनी तिब्बत नीति पर ट्रंप ने किए हस्ताक्षर

दलाईलामा के उत्तराधिकारी चयन में चीनी हस्तक्षेप रोकने को बनी तिब्बत नीति पर ट्रंप ने किए हस्ताक्षर

वाशिंगटन, 28 दिसंबर। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तिब्‍बती धर्मगुरु एवं शांति नोबेल पुरस्‍कार विजेता दलाईलामा के उत्‍तराधिकारी चयन में चीन के हस्‍तक्षेप को रोकने के लिए तिब्‍बत नीति पर हस्‍ताक्षर करके इसे कानूनी जामा पहना दिया है। यह एक ऐसा विधेयक है जिसके तहत तिब्बत में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास स्थापित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की बात की गई है, जिसके तहत अगले दलाईलामा का चयन केवल तिब्बती बौद्ध समुदाय के लोग ही करेंगे। साथ ही इसमें चीन का कोई हस्तक्षेप नहीं हो पाएगा। ‘तिब्बती नीति एवं समर्थन कानून 2020’ में तिब्बत संबंधी विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रावधानों में संशोधन किया गया है। 

दलाईलामा को नोबल की वर्षगांठ: तिब्‍बती संसद ने चीन को घेरा, विश्‍व में समर्थन से गदगद

दलाईलामा को नोबल की वर्षगांठ: तिब्‍बती संसद ने चीन को घेरा, विश्‍व में समर्थन से गदगद

मैक्‍लोडगंज, 10 दिसंबर। तिब्‍बतियों के धर्मगुरु दलाईलामा को नोबल शांति पुरस्‍कार दिए जाने के 31 साल पूरे होने के अवसर पर आज निर्वासित तिब्‍बती सरकार की संसद की ओर से एक व्‍यक्‍तब्‍य जारी किया गया है। इसें जहां दलाईलामा के तिब्‍बत के लोगों की चीनी दमनकारी नीतियों से स्‍वतंत्रता के प्रयासों से विश्‍व भर में मिल रहे समर्थन के और ज्‍यादा देशों तक बढ़ने की उम्‍मीद जाताई गई है, वहीं चीन में तिब्‍बतियों पर हो रहे जुन्‍मों की पोल भी खोली गई है।

विश्‍व शांति के लिए विनाशकारी भावनाओं से निपटने और मन की शांति की कला सीखनी होगी: दलाईलामा

विश्‍व शांति के लिए विनाशकारी भावनाओं से निपटने और मन की शांति की कला सीखनी होगी: दलाईलामा

धर्मशाला, 23 नवंबर। तिब्बतियों के धर्मगुरू दलाईलामा ने कहा है कि दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग नियंत्रण से परे है। यह वे प्राकृतिक घटना हैं जो प्राचीन भारतीय ग्रंथों में हिंसा और अकाल के चलते दुनिया के अंत के बारे लिखी गई बातों को सही साबित करती है। उन्‍होंने कहा कि कुछ वैज्ञानिकों ने उन्‍हें बताया है कि चीजें जैसे-जैसे आगे बढ़ती जाएंगी, जलवायु इतनी गर्म हो जाएगी कि पानी, झील और नदियों के स्थापित स्रोत सूख जाएंगे। तार्किक रूप से जो कुछ भी धरती पर मौजूद है वह समाप्त हो जाएगा। इसके बारे में हम बहुत कुछ नहीं कर सकते हैं। उन्‍होंने कहा कि हम एक शांतिपूर्ण, सुखी जीवन जीकर अपनी जिम्‍मेवारी निभा सकते हैं, अगर हम सिर्फ आपस में लड़ते हैं तो यह बहुत दुखद है। हमें इस तथ्य से सीखने की जरूरत है कि पिछली सदी के दौरान और इस सदी के शुरुआती वर्षों में बहुत अधिक हिंसा हुई है।

अमेरिका का समर्थन मिलने से निर्वासित तिब्‍बती संसद के अध्‍यक्ष गद्गद्

अमेरिका का समर्थन मिलने से निर्वासित तिब्‍बती संसद के अध्‍यक्ष गद्गद्

धर्मशाला, 23 नवंबर (संजय अग्रवाल)। निर्वासित तिब्बत संसद के अध्यक्ष पेमा जुंगनी ने तिब्बत की वास्तविक स्वायत्तता की वकालत करने और 14वें दलाईलामा के वैश्विक शांति, सद्भाव और समझ को बढ़ावा देने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस के नेता टेड योहो का आभार व्यक्त किया है।

तेंजिन पाल्डन बनी 15वीं मिस तिब्बत

मैक्लोडगंज, 05 जून। मैकलोडगंज में आयोजित 15वीं मिस तिब्बत सौंदर्य प्रतियोगिता तेंजिन पाल्डन के नाम रही। तेंजिन ने प्रतियोगिता में 9 सुंदरियों का पछाड़ते हुए खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता के पहले दिन शुक्रवार को स्विम सूट राउंड का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों के दौरान तेंजिन ने प्रतिभा दिखाई। प्रतियोगिता के निदेशक लोबसंग बंगयाल ने बताया कि इस बार पहला मौका था जब प्रतियोगिता में 9 तिब्बती सुंदरियों ने हिस्सा लिया।

मिस तिब्बत प्रतियोगिता का स्विमिंग सूट राउंड आयोजित

मैकलोडगंज,04 जून। मैकलोडगंज चल रही मिस तिब्बत-2016 प्रतियोगिता अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। इस बार इस प्रतियोगिता में चार सुंदरियां हिस्सा ले रही हैं। इनमें मंसूरी की देचन वांग्मो, न्यूयार्क से तेंजिन धावा, बैलाकुपी से तेंजिंग डिक्यी और मनाली से तेंजिंग सांग्यी शामिल हैं। शुक्रवार को इन सुंदरियों ने तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा का आशर्वाद लिया। इसके बाद पहले दिन के कार्यक्रम के तहत भागसूनाग वाटरफॉल में स्विङ्क्षमग सूट राउंड का आयोजन किया गया। इस दौरान सुंदरियों ने अपने जलवे बिखेरे। मिस तिब्बत प्रतियोगिता 2016 के निदेशक और आयोजक लोबसांग वांग्याल ने बताया कि इस बार 14वीं मिस तिब्बत का आयोजन तीन से पांच जून तक होगा। प्रतियोगिता का ग्रांड फिनाले 5 जून को मैकलोडगंज स्थित टिप्पा में होगा।

तिब्बतियन औषधी केंद्र स्थापित करने पर विचार कर रही सरकार: कर्ण सिंह

मैक्लोडगंज, 23 मार्च। धर्मगुरू दलाईलामा की उपस्थिति मे तिब्बतियन मेडिकल कॉलेज मेन-सी-खंग का शताब्दी समारोह मनाया गया। समारोह में वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी तथा आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह ने बतौर विशेष अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि हिमाचल के वनों में औषधीय जड़ी-बूटियों एवं पौधों की अकूल सपंदा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वनों में फलदार एवं औषधीय पौधे तथा आयुर्वेद की दृष्टि से महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियों के संरक्षण के साथ-साथ इन्हें लगाने पर बल दे रही है। उन्होंने कहा कि विगत तीन वर्षों के दौरान प्रदेश में एक करोड़ औषधीय पौधे लगाए गए हैं तथा वर्तमान वित्त वर्ष में 45 लाख और औषधीय पौधे रोपने का लक्ष्य है।

मैक्लोडगंज: 10 दिसंबर से आरंभ होगा हिमालयन उत्सव

मैक्लोडगंज, 06 दिसंबर। शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि मैक्लोडग़ंज में 10 से 12 दिसंबर तक अंतरराष्ट्रीय हिमालयन उत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन धर्मगुरु दलाईलामा के प्रति असीम श्रद्धा की अभिव्यक्ति और हिमाचल की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक सपन्नता से देश और विदेश के पर्यटकों को रू-ब-रू करवाने के मकसद से किया जाता है। उत्सव का आयोजन हिमाचल सरकार के पर्यटन विभाग, केंद्रीय तिब्बतीयन प्रशासन और भारत-तिब्बत मैत्री संघ के संयुक्त तत्त्वाधान में किया जाएगा। इस तीन दिवसीय आयोजन के दौरान पर्यटकों को भारतीय, हिमाचली और तिब्बती संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर प्राप्त होगा।

निर्वासित तिब्बती सरकार ने दिया सीएम व विधायकों को भोज

धर्मशाला, 04 दिसंबर। निर्वासित तिब्बतीयन सरकार ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, विधानसभा अध्यक्ष सहित सभी विधायकों के लिए आज प्रीति भोज का आयोजन किया। निर्वासित तिब्बती सरकार के अध्यक्ष पेनपा सेरिंग ने कहा कि यह प्रीति भोज दलाईलामा के 80वें जन्म दिवस के अवसर पर चल रहे आयोजनों का हिस्सा था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्यों का उनके अनुरोध को स्वीकार करने के लिए आभार प्रकट किया। निर्वासित तिब्बतीयन सरकार के प्रधानमंत्री डा. लोबसंग सांग्ये सहित अन्य मंत्रियोंं में गृह मंत्री गेयरी डोलमा, संसद की स्थायी समिति के सदस्य इस अवसर पर उपस्थित थे। उन्होंने प्रीति भोज का आग्रह स्वीकार करने के लिए मुयमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने राज्य के लोगों द्वारा तिब्बतीयन समुदाय के साथ सौहार्द बनाए रखने के लिए भी आभार प्रकट किया।

मैैक्लोडगंज: निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पद के लिए हुआ मतदान

मैक्लोडगंज, 18 अक्तूबर। भारत के धर्मशाला में निर्वासित तिब्बत सरकार के गठन को लेकर रविवार के दिन भारी संख्या में तिब्बती लोगों ने अपने मत का प्रयोग किया। प्रधान मंत्री पद को लेकर तिब्बत सरकार के वर्तमान प्रधान मंत्री लोबसंग संग्ये के अतिरिक्त अन्य चार उम्मीदवार मैदान में है। रविवार को मतदान का पहला चरण पूरा किया गया। इसमें भारत, नेपाल और भूटान, अमेरिका व आॅस्टेÑलिया से के 87000 मत के लिए पंजीकृत हैं जिसनके बल पर तिब्बत सरकार के प्रधान मंत्री प्रद के साथ तिब्बती ससंद के 44 सांसदों को चुना जाएगा। मतदान का अंतिम चरण अगले वर्ष मार्च 2016 में होगा।

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