Wednesday, January 19, 2022
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मुख्यमंत्री ने 103.18 करोड़ से बने आईजीएमसी के ओपीडी भवन का लोकार्पण किया

एफ.आई.आर. लाइव डेस्क Updated on Tuesday, January 11, 2022 20:42 PM IST
मुख्यमंत्री ने 103.18 करोड़ से बने आईजीएमसी के ओपीडी भवन का लोकार्पण किया

शिमला, 11 जनवरी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां इन्दिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय शिमला के नए बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) भवन का लोकार्पण किया।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भवन के निर्माण कार्य पर 103.18 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है जिसमें से 73 करोड़ रुपये की राशि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि मूल रूप से यह भवन 46 करोड़ रुपये में निर्मित किया जाना था लेकिन वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक बड़े भवन के निर्माण के लिए वर्ष-2019 में इसकी लागत को संशोधित कर 103 करोड़ रुपये किया गया था।

 

उन्होंने कहा कि यहां पर ट्रामा सेंटर के निर्माण पर 40 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं और इसका कार्य इसी वर्ष जून माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी प्रदेश का एक प्रमुख आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल है और राज्य सरकार यहां विश्व स्तरीय सेवाओं एवं उपकरणों से सुसज्जित करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि रोगियों की भारी संख्या को देखते हुए इस संस्थान में और अधिक आधारभूत संरचना विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए नया ओपीडी ब्लाक दूरगामी भूमिका निभाएगा।

 

 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चिकित्सकों, पैरा-मेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने कोरोना महामारी के प्रसार को नियंत्रण करने के लिए पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट भी सभी के लिए चिंता का विषय है और सभी को सावधानी रखने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समन्वित प्रयासों और समर्पण से राज्य महामारी की इस लहर से भी सफलतापूर्वक पार पा लेगा।

 

जय राम ठाकुर ने कहा कि रोगियों, चिकित्सकों, परिचारकों और आम लोगों की सुविधा के लिए आईजीएमसी के समीप स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत 32 करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में छः राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों के अतिरिक्त बिलासपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना की जा रही है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के उदार प्रयासों से ही सम्भव हुआ है। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर इसी वर्ष जून माह में राष्ट्र को समर्पित कर दिया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी की प्रथम लहर के दौरान प्रदेश में केवल दो ही आक्सीजन प्लांट थे और आज प्रदेश के विभिन्न भागों में 41 आक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उस समय राज्य में केवल 50 वेंटिलेटर ही उपलब्ध थे और आज प्रदेश में 1000 से अधिक वेंटिलेटर हैं। उन्होंने कहा कि यह वर्तमान प्रदेश सरकार के समर्पित प्रयासों से ही सम्भव हो सका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने न केवल राज्य में बेहतर अधोसंरचना का सृजन किया बल्कि गरीब व जरूरतमंद लोगों को गम्भीर बीमारियों का निःशुल्क उपचार भी सुनिश्चित किया है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमकेयर योजना के अन्तर्गत 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई है और मुख्यमंत्री सहारा योजना के अन्तर्गत गम्भीर बीमारी से ग्रसित रोगियों के परिवार को 3000 रुपये प्रतिमाह की राशि प्रदान की जा रही है।

 

 शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के इस प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान में आक्सीजन प्लांट स्थापित कर आईजीएमसी का सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में 41 आक्सीजन संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं जिसका श्रेय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को जाता है। उन्होंने कहा कि गरीब रोगियों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई है ताकि उन्हें बेहतर और विशेषज्ञ उपचार सुविधाएं निःशुल्क प्राप्त हो सकंे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमकेयर और मुख्यमंत्री सहारा योजना राज्य के लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रही हंै।

 

स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव सैजल ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि आज राज्य में 7 चिकित्सा महाविद्यालय हैं, जिनमें से 6 चिकित्सा महाविद्यालय सरकारी क्षेत्र में हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में एम्स भी स्थापित किया गया है, जिसे कि इस वर्ष के मध्य तक प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि नया ओ.पी.डी. भवन मरीजों को, विशेष रूप से महामारी के दौरान बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने में दूरगामी भूमिका निभाएगा।

 

निदेशक, चिकित्सा शिक्षा डाॅ. रजनीश पठानिया ने मुख्यमंत्री और इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की प्रतिवद्धता और समर्पण के कारण स्वास्थ्य क्षेत्र सुदृढ़ हुआ है।

 

हिमफैड के अध्यक्ष गणेश दत्त, नगर निगम शिमला की महापौर सत्या कौंडल, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग सुभाशीष पांडा, प्रमुख अभियन्ता अर्चना ठाकुर और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

 

बासु राम अपने माता पिता की इकलौती संतान थी। पति की मौत के बाद बेटे का सहारा भी एक मां से छिन गया। मामला चंबा जिला के साहो क्षेत्र से सामने आया है। मृतक युवक की पहचान बासु राम (32) पुत्र स्वर्गीय जोटू राम निवासी गांव बडेटा साहो के रूप में हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार बासुराम के पिता (Father) की बीते रोज अचानक मौत हो गई। आज यानी मंगलवार को स्थानीय शमशानघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। पिता की चिता को मुखाग्नि देने के बाद बासु अपने घर जा रहा था। इसी बीच घर के निकट रास्ते में अचानक वह फिसल गया और वहीं पर बेसुध हो गया। परिजनों व रिश्तेदार उसे उपचार के लिए तुरंत साहो अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज चंबा रैफर कर दिया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि मृतक माता-पिता का इकलौता बेटा (Son) था। पिता के स्वर्ग सिधार जाने के बाद अब उसकी माता के लिए वहीं एकमात्र सहारा थाए लेकिन वह भी छिन गया। बासु के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र के शोक की लहर दौड़ गई है। हर आंख नम है। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई व अन्य रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए हैं। उन्हें बासु की मौत पर कोई संदेह नहीं है। सदर पुलिस थाना प्रभारी सकीनी कपूर ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई जारी है।

 

 

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