Wednesday, January 19, 2022
BREAKING
चंबा-शिमला के विधायकों ने रखी अपने क्षेत्र के विकास की प्राथमिकताएं बेरोजगार वेटेरिनरी फार्मासिस्टों ने सीएम को भेजा ज्ञापन, नई पंचायतों में मिले नियुक्‍ति   पीडब्‍ल्‍यूडी बेलदार हादसे का शिकार, 4 की मौत, 3 घायल जिला कांगड़ा के विधायकों ने रखी प्राथमिकता, सीएम ने डीपीआर समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए सराह के टॉंग लेन को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया हमीरपुर में रैपिड एंटीजन टैस्ट में 168 कोरोना पॉजिटिव डॉ. सैजल बोले, नई शिक्षा नीति युवाओं के कौशल विकास में कारगर मुख्यमंत्री धर्मशाला रोपवे के अलावा करोड़ों की योजनाओं के उद्घाटन/शिलान्यास करेंगे ऊना में मिले दो ओमिक्रॉन संक्रमित, विदेश से लौटे थे दोनों बिलासपुर एम्‍स के निकट पावर हाउस में हादसा, दो मजदूर दबे एक की मौत

हिमाचल के दमदार नेता जीएस बाली नहीं रहे, एम्‍स दिल्‍ली में त्‍यागी देह

एफ.आई.आर. लाइव डेस्क Updated on Saturday, October 30, 2021 19:48 PM IST
हिमाचल के दमदार नेता जीएस बाली नहीं रहे, एम्‍स दिल्‍ली में त्‍यागी देह

कांगड़ा, 30 अक्‍तूबर। हिमाचल कांग्रेस के आला नेता और पूर्व मंत्री जीएस बाली का लंबी बीमारी के चलते देहांत हो गया है। उन्‍होंने शुक्रवार देर रात दिल्ली स्थित एम्‍स में अंतिम सांस ली। काफी समय से बीमार चल रहे कांग्रेस नेता का एम्‍स में इलाज चल रहा था। डॉक्‍टरों ने उन्‍हें बचाने की पूरी कोशिश की, मगर उनकी तबीयत काफी ज्यादा खराब हो गई थी। उनके बेटे और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव आरएस बाली समेत पूरा परिवार उनके साथ ही था।

 

मिली जानकारी के अनुसार जीएस बाली की पार्थिव देह को एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली से कांगड़ा लाया जाएगा। आज उनका पार्थिव शरीर कांगड़ा पहुंचेगा। उनके बेटे आरएस बाली ने फेसबुक पेज पर यह दुखद समाचार दिया। उन्‍होंने तमाम समर्थकों से धैर्य बनाए रखने और अपने पिता के आदर्शों को संजोये रखने की अपील की है।

 

उधर, जीएस बाली के निधन की ख़बर से नगरोटा बगवां, कांगड़ा समेत समूचे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर है। पूर्व मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह के बाद जीएस बाली का इस तरह दुनिया को अलविदा कहना हिमाचल कांग्रेस के लिए भी सदमे से कम नहीं है।

 

जीएस बाली 67 साल के थे। कांगड़ा में 27 जुलाई 1954 को जन्में जीएस बाली नगरोटा बगवां से चार बार विधायक और दो बार मंत्री रहे। बाली 1990 से 1997 तक कांग्रेस के विचार मंच के संयोजक, सेवादल के अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव जैसे पदों पर रहे। वर्ष 1998 में वह पहली बार नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। इसके बाद लगातार 2003, 2007 और 2012 में यहां से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे। 2003 और 2007 में वह मंत्री रहे। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा से वह वरिष्ठ नेता थे। मंडी उपचुनाव में उन्‍हें कांग्रेस ने प्रभारी की जिम्‍मेवारी सौंप रखी थी, मगर अचानक तबीयत बिगड़ने के चलते वे चुनाव मैदान में नहीं उतर पाए।

 

बताया जा रहा है कि एम्स में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। शुक्रवार रात को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, इसके बाद उन्होंने अंतिम सांस ली।  सीएम जयराम ठाकुर ने जीएस बाली के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा दुःख की इस घड़ी में शोकग्रस्त परिवारजनों को संबल प्रदान करें।

 

हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री जीएस बाली वीरभद्र सरकार में बहुत ही कदावर मंत्री रहे। खासकर जब नीचले और उपर के हिमाचल की बात आती थी, तो वे नीचले हिमाचल का पक्ष दमदार तरीके से रखते थे। शिमला में भी उनकी खासी धमक थी। इसके चलते खासकर कांगड़ा जिला के लोगों को राजनीतिक गलियारों में पूरा मान सम्‍मान मिलता था। अफसरशाही पर भी उनकी खासी पकड़ थी। राजनीति के मझे हुए खिलाड़ी होने के चलते वे मुख्‍यमंत्री पद की दौड़ में भी आगे रहे।

 

पूर्व मुख्‍यमंत्री वीरभद्र सिंह जैसी शख्‍सियत के सामने केवल जीएस बाली ही तन कर खेड़े होने की हिम्‍मत रखते थे और कई बार उनके रिख्‍ते तल्‍ख हुए, मगर बाली ने अपना दमदार किरदार हमेशा बनाए रखा। इसी के चलते ही वो अीबीसी बाहुल नगरोटा बगवां में चार बार जीत दर्ज कर पाए। हालांकि पिछली बार राजनीतिक समीकरण उल्‍टे पड़ने के कारण जीएस बाली पहली बार विधानसभा चुनाव हार गए थे। हाल ही में जीएस बाली का एक होर्डिंग काफी विवादों में रहा था। इसमें बाली ने वीरभद्र का फोटो नहीं लगवाया था।

 

बाली ने परिवहन और खाद्य आपूर्ति महकमों का मंत्री रहते हुए प्रदेश की जनता में खूब नाम कमाया था। यहां तक कि एचआरटीसी की बसों में उन्‍होंने अपना मोबाइल नंबर लिखवा कर जनता का मन जीत लिया था और अक्‍सर बसों की जांच करते देखे जाते थे। उनके बेटे रघुवीर बाली भी कांग्रेस के नेता हैं और अब उन्‍हें ही जीएस बाली का राजनीतिक उत्‍तराधिकारी माना जा रहा है।

 

सांसद किशन कपूर ने गहरा शोक व्यक्त किया

आज नई दिल्ली में स्वर्गीय बाली के पुत्र रघुवीर बाली से शोक संवेदना व्यक्त करते हुए सांसद किशन कपूर ने कहा कि स्वर्गीय बाली के निधन से कांगड़ा जिला ने कांग्रेस पार्टी का एक निष्ठावान एवं समर्पित नेता खो दिया है। उन्होंने परिवार को ढाढ़स बंधाते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करने की हिम्मत प्रदान करने की प्रार्थना की है। सांसद किशन कपूर आज नई दिल्ली पहुंचने पर सर्वप्रथम स्वर्गीय बाली के दिल्ली निवास पर उनके सुपुत्र से मिलने गए और अपनी शोक संवेदना व्यक्त की।

 

जिला ऊना के भाजपा नेताओं ने जताया शोक

ऊना ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर, छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, चिंतपुर्णी के विधायक बलबीर सिंह, गगरेट के विधायक राजेश ठाकुर, हिमुडा के उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा और एचपीएसआईडीसी उपाध्यक्ष राम कुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जीएस बाली के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान देने की ईश्वर से प्रार्थना की है और दुख की इस घड़ी में पारिवारिक सदस्यों से अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। 

VIDEO POST

View All Videos