Wednesday, January 19, 2022
BREAKING
चंबा-शिमला के विधायकों ने रखी अपने क्षेत्र के विकास की प्राथमिकताएं बेरोजगार वेटेरिनरी फार्मासिस्टों ने सीएम को भेजा ज्ञापन, नई पंचायतों में मिले नियुक्‍ति   पीडब्‍ल्‍यूडी बेलदार हादसे का शिकार, 4 की मौत, 3 घायल जिला कांगड़ा के विधायकों ने रखी प्राथमिकता, सीएम ने डीपीआर समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए सराह के टॉंग लेन को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया हमीरपुर में रैपिड एंटीजन टैस्ट में 168 कोरोना पॉजिटिव डॉ. सैजल बोले, नई शिक्षा नीति युवाओं के कौशल विकास में कारगर मुख्यमंत्री धर्मशाला रोपवे के अलावा करोड़ों की योजनाओं के उद्घाटन/शिलान्यास करेंगे ऊना में मिले दो ओमिक्रॉन संक्रमित, विदेश से लौटे थे दोनों बिलासपुर एम्‍स के निकट पावर हाउस में हादसा, दो मजदूर दबे एक की मौत

भारतीय संविधान ने न्याय और समानता के महान मूल्यों को साझा करने का अवसर दियाः राज्यपाल

एफ.आई.आर. लाइव डेस्क Updated on Friday, November 26, 2021 18:54 PM IST
भारतीय संविधान ने न्याय और समानता के महान मूल्यों को साझा करने का अवसर दियाः राज्यपाल

शिमला, 26 नवंबर। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि भारत के संविधान में सामाजिक और भारतीय संस्कृति की अवधारणा निहित है। संविधान की प्रस्तावना में इसकी आत्मा वास करती है। यह प्रत्येक भारतीय नागरिक का कर्तव्‍य है कि वे प्रस्तावना के आदर्शों को आत्मसात करने के लिए हर सम्भव प्रयास करे।

 

राज्यपाल आज भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में संविधान की भावना विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। इस संगोष्ठी का आयोजन भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस) के संयुक्त तत्वाधान में किया गया है।

 

उन्होंने कहा कि हमारे संविधान की आत्मा इसकी प्रस्तावना में निहित है, जो संविधान की बुनियादी विशेषता के आधार पर राष्ट्र का मार्गदर्शन करती है। उन्होंने कहा कि इससे भी बढ़कर प्रस्तावना का मूल मानवता है, जिसमें केवल मानव की ही नहीं अपितु सम्पूर्ण जीव-जगत के कल्याण की भावना व्याप्त है। उन्होंने कहा कि शाब्दिक ज्ञान के साथ-साथ इससे जुड़े भाव को समझने की आवश्यकता है।

 

राज्यपाल ने कहा कि सह-अस्तित्व, लोकतंत्र और क्रम व्यवस्था जैसे भाव हमारे स्वभाव में निहित है और ग्रामीण स्तर पर कई स्थानों में आज भी एक प्रमुख व्यक्ति पूरे समुदाय का मार्गदर्शन करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि धर्म की सही परिभाषा यह है कि हम दूसरों के साथ किस प्रकार का व्यवहार करते हैं। यह हमारे अस्तित्व की भावना है, जिसे हमें बनाए रखना है। उन्होंने संविधान दिवस की बधाई देते हुए कहा कि संविधान ने हमें न्याय और समानता के महान मूल्यों को साझा करने का अवसर दिया।

 

आईआईएएस के अध्यक्ष कपिल कपूर ने कहा कि भारतीय समाज और परंपरा स्वशासन के सिद्धांत पर आधारित रही है और यही कारण है कि कई राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद हमारी संस्कृति और सभ्यता का अस्तित्व आज भी कायम है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन संस्कृति में ‘पंच’ को ‘परमेश्वर’ कहा जाता था। उन्होंने जिम्मेदार सरकार और स्वशासन के मध्य अंतर को विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि हमारा समाज कत्र्तव्य परायण है और कत्र्तव्य सद्भावना पर आधारित अवधारणा है। हमारे समाज में त्याग करने वाले व्यक्ति का सम्मान किया जाता है।

 

आईआईएएस के निदेशक प्रोफेसर चमन लाल गुप्ता ने कहा कि आज़ादी का अमृत महोत्सव समारोह हम सभी के लिए गर्व और प्रसन्नता की बात है लेकिन यह आकलन करने का भी समय है। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक भावना में बंधुत्व का भाव है और यह विरासत दुनिया को हमारे द्वारा मिली है।

 

इससे पूर्व संस्थान के सचिव प्रेम चंद ने राज्यपाल का स्वागत किया और संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों की जानकारी दी।

 

चंबा-शिमला के विधायकों ने रखी अपने क्षेत्र के विकास की प्राथमिकताएं

सीएम रहे मौजूद : चंबा-शिमला के विधायकों ने रखी अपने क्षेत्र के विकास की प्राथमिकताएं

जिला कांगड़ा के विधायकों ने रखी प्राथमिकता, सीएम ने डीपीआर समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए

विधायक प्राथमिकता : जिला कांगड़ा के विधायकों ने रखी प्राथमिकता, सीएम ने डीपीआर समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए

राज्यपाल ने भूस्‍खलन से बचाव को वैज्ञानिक व इंजीनियरिंग समाधान खोजने का आह्वान किया

वर्चुअल बैठक   : राज्यपाल ने भूस्‍खलन से बचाव को वैज्ञानिक व इंजीनियरिंग समाधान खोजने का आह्वान किया

विकासात्मक बजट के तहत 12638 करोड़ प्रस्तावित

विधायक प्राथमिकता : विकासात्मक बजट के तहत 12638 करोड़ प्रस्तावित

40 वर्षों के बाद बन रही शिमला विकास योजना,मंत्री ने ली बैठक

प्रारूप पर प्रस्‍तुति दी : 40 वर्षों के बाद बन रही शिमला विकास योजना,मंत्री ने ली बैठक

सीएम ने सुन्नी किया गौ सदन का उद्घाटन, प्रदेश में 36311 बेसहारा पशु

पशुओं को आश्रय : सीएम ने सुन्नी किया गौ सदन का उद्घाटन, प्रदेश में 36311 बेसहारा पशु

148 मीटर ऊंचा होगा रेणुका जी बांध, हिमाचल को बिजली, दिल्‍ली की बुझेगी प्‍यास

परियोजना : 148 मीटर ऊंचा होगा रेणुका जी बांध, हिमाचल को बिजली, दिल्‍ली की बुझेगी प्‍यास

हिमाचल में एक लाख से अधिक नए मतदाता हुए पंजीकृत

फोटोयुक्त मतदाता सूची-2022 : हिमाचल में एक लाख से अधिक नए मतदाता हुए पंजीकृत

VIDEO POST

View All Videos