
चंबा, 02 अगस्त। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज चंबा विधानसभा क्षेत्र में 333.25 करोड़ रुपये लागत की 26 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, चंबा के 158 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 200 बिस्तरों वाले भवन का लोकार्पण किया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने 14.11 करोड़ रुपये की लागत से शाहपुर-सिहुंता-चुवाड़ी-चंबा सड़क, 13.65 करोड़ रुपये की लागत से परेल से कोहलड़ी सड़क, 11.53 करोड़ रुपये की लागत से परेल मार्ग से चंबा-बनीखेत सड़क, 6.85 करोड़ रुपये की लागत से लुड्डू से घरमाड़ी सड़क, 5.78 करोड़ रुपये की लागत से सराहन-रान सड़क, 5.68 करोड़ रुपये की लागत से भनेरा-देवीदेहरा-रठियार से मनकोट सड़क के उन्नयन तथा 4.61 करोड़ रुपये की लागत से करियां-भरियां-कोठी सड़क पर रावी नदी पर निर्मित बॉक्स गर्डर पुल का भी लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने चंबा के भगत में 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली वाहन पार्किंग (चरण-1), 12.59 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले द्रबला गांव के संपर्क मार्ग, 5.29 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सनोथा संपर्क मार्ग, 6.47 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले साच-फतेहपुर सड़क, 2.05 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नाणु गांव के संपर्क मार्ग, 4.24 करोड़ रुपये की लागत से द्रडा सेरू संपर्क मार्ग, 10.24 करोड़ रुपये की लागत से घरग्राम गांव संपर्क मार्ग, 6.05 करोड़ रुपये की लागत से घतरेड़ गांव संपर्क मार्ग, 2.83 करोड़ रुपये की लागत से छांजून गांव संपर्क मार्ग, 2.63 करोड़ रुपये की लागत से रुंडेगा गांव संपर्क मार्ग, 4.25 करोड़ रुपये की लागत से बसोधन गांव संपर्क मार्ग, 4.09 करोड़ रुपये की लागत से मंगला-ओहली-भरियां-कपाड़ा-जरीन सड़क, 6.53 करोड़ रुपये की लागत से मानकोट गांव संपर्क मार्ग, 5.96 करोड़ रुपये की लागत से चंबा-मलूना-कठना सड़क, 6.58 करोड़ रुपये की लागत से राजेरा से बैली सड़क, 4.49 करोड़ रुपये की लागत से करियां से बैली सड़क तथा 3.72 करोड़ रुपये की लागत से सरोल स्थित कुष्ठ अस्पताल परिसर में जिला औषधि भंडार एवं टीकाकरण भंडार का शिलान्यास किया।
चंबा मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और सुदृढ़

इस अस्पताल में आठ प्रमुख विशेषज्ञ जिनमें मेडिसिन, शिशु रोग, मनोरोग, चेस्ट एवं क्षय रोग (टीबी), शल्य चिकित्सा, ईएनटी, प्रसूति एवं स्त्री रोग तथा दंत चिकित्सा की ओपीडी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में आधुनिक आपातकालीन सेवाएं, रेडियोलॉजी विभाग, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर परिसर सहित 200 इनडोर बिस्तरों के माध्यम से अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध करवाई जाएंगी। मनोरोग, गाइनोकोलॉजी विभाग तथा त्वचा रोग विभागों की सेवाएं मरीजों को मिलनी प्रारंभ हो गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करना तथा लोगों को उनके घरों के निकट गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि यह नया अस्पताल मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के साथ-साथ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, चिकित्सा के विद्यार्थियों तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी उत्कृष्ट कार्य एवं अध्ययन वातावरण प्रदान करेगा।
इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक छात्रावास एवं आवासीय सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। मुख्यमंत्री द्वारा 31 जुलाई, 2024 को 150 सीटों वाले एमबीबीएस छात्रावास (छात्र) तथा 50 सीटों वाले नर्सिंग छात्रावास का वर्चुअल उद्घाटन किया गया था तथा 12 अगस्त, 2025 को इन्हें औपचारिक रूप से अधिग्रहित किया गया। इसके अतिरिक्त, 31 मार्च, 2025 को निर्मित हुए 150 सीटों वाले एमबीबीएस छात्रावास (बालिका) का वर्चुअल उद्घाटन 4 अगस्त, 2025 को नर्सिंग छात्रावास के साथ किया गया।
स्वास्थ्य संस्थान की फैकल्टी एवं कर्मचारियों के लिए 24 टाइप-4 तथा 36 टाइप-3 आवासीय क्वार्टर भी निर्मित किए गए हैं। टाइप-4 आवासों का वर्चुअल उद्घाटन 31 जुलाई, 2024 को तथा टाइप-3 आवासों का उद्घाटन 4 अगस्त, 2025 को किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्याप्त छात्रावास एवं आवासीय सुविधाओं से विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा स्वास्थ्य कर्मियों को अनुकूल वातावरण मिलेगा और संस्थान का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना को विस्तार प्रदान करने तथा प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।







