
नई दिल्ली/शिमला, 15 जुलाई। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भारी वर्षा और भू-स्खलन से अब तक लगभग एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है जबकि मॉनसून की अभी शुरूआत ही हुई है। प्राकृतिक आपदा के कारण कई लोगों की जान गई है तथा सड़कों, पुलों, भवनों, पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं और विद्युत आपूर्ति परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से उदार सहायता का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 से प्रदेश को निरंतर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है और पिछले तीन वर्षों में प्रदेश को लगभग 21 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
श्री सुक्खू ने अमित शाह को बताया कि प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार राज्य आपदा राहत कोष और राष्ट्रीय आपदा राहत कोष के माध्यम से हर सम्भव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार प्राकृतिक आपदाएं आने के कारण प्रदेश के लिए अपने सीमित संसाधनों से पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण तथा बुनियादी ढांचे को बहाल करना बेहद कठिन हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए निधारित दिशा-निर्देश काफी कम है। उन्होंने वर्तमान सीमा को संशोधित कर इसे 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का आग्रह किया। इससे राज्य को राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों में काफी मदद मिलेगी।
अमित शाह ने मुख्यमंत्री को केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश को हर सम्भव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
कुछ सड़कें प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल करने का आग्रह किया

श्री सुक्खू ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोनाओं में विभिन्न कारणों से हो रहे विलंब के बारे में भी केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी और इन परियोजनाओं की सभी औपचारिकताएं पूरी करवाने का आग्रह किया ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में सुरंग निर्माण को प्राथमिकता देने पर भी बल दिया। इसके अलावा उन्होंने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़कों के संबंध में भी चर्चा की जिनका मामला रक्षा मंत्रालय से उठाया गया है। उन्होंने इन सड़कों पर भी शीर्घ कार्यवाही करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अधिक संख्या में रोप-वे परियोजनाओं को स्वीकृति देने का अनुरोध किया ताकि यातायात की समस्या का समाधान कर लोगों को लाभान्वित किया जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य को हर सम्भव सहायता का आश्वासन दिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, सचिव लोक निर्माण अभिषेक जैन, प्रधान आवासीय आयुक्त सुशील कुमार सिंगला और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।







