
चंडीगढ़, 23 अप्रैल। कोरोना वायरस से संक्रमित एक छह माह की मासूम ने आज दोपहर पीजीआई में दमतोड़ दिया। बच्ची को कल ही कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया था। इस बीच, बच्ची के संपर्क में आए सभी 18 डाक्टरों समेत अस्पताल के 54 कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट करवाया। इन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंजाब के फगवाड़ा निवासी इस बच्ची के दिल में छेद था। परिजनों को इसका पता नहीं चला। 6 माह के बाद भी बच्ची का वजन 3 किलो से ज्यादा नहीं हुआ। जिसके बाद परिजनों ने बच्ची को जालंधर स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। 36 दिन बाद ह्दयाघात की आशंका को देखते हुए बच्ची को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। बच्ची को 9 अप्रैल को पीजीआई लाया गया, यहां पर उसके दिल में छेद की जानकारी मिली। जिसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी थी। ऑपरेशन की अभी तैयारियां चल रही थी कि बच्ची कोरोना की चपेट में आ गई। इस मासूम बच्ची के अंगों ने रिस्पांस देना बंद कर दिया। परंतु बच्ची को बुखार के लक्षण नहीं थे। जिसके बाद बच्ची का कोरोना टेस्ट किया गया। मंगलवार को उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई। जिसके बाद बच्ची को कल सुबह कोरोना वॉर्ड में भर्ती किया गया। बच्ची को बुधवार रात से वेंटिलेटर पर रखकर ग्लूकोज पर दिया जा रहा था। लेकिन बढ़ते इन्फेक्शन ने उसकी सांसों की डोर को तोड़ दिया।
बच्ची में कोरोना की पुष्टि होने के बाद पीजीआई के 18 डॉक्टरों समेत 54 कर्मियों का कोरोना टेस्ट करवाया गया। इसके अलावा बच्ची माता-पिता और नाना-नाली का भी कोरोना टेस्ट करवाया गया। बच्ची के परिजनों समेत पीजीआई स्टॉफ की रिपोर्ट नेगेटिव आने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। वहीं, इस बात का पता लगाने की कोशिश हो रही है, कि जब परिजनों को कोरोना नहीं था, तो बच्ची कैसे इसकी चपेट में आ गई।