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दूध प्रोत्साहन व परिवहन अनुदान योजना शुरू, अर्की में लगेगी मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट

एफ.आई.आर. लाइव डेस्क Updated on Saturday, October 04, 2025 18:47 PM IST
दूध प्रोत्साहन व परिवहन अनुदान योजना शुरू, अर्की में लगेगी मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट

अर्की(सोलन), 4 अक्‍तूबर। किसानों से अपना वादा निभाते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिला के अर्की विधानसभा क्षेत्र से दूध प्रोत्साहन योजना और परिवहन अनुदान योजना की शुरूआत की। दाड़लाघाट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दूध प्रोत्साहन योजना के तहत सोलन की दो निजी दूध समितियों गौ अमृत समिति पपलोटा तथा अमृत धारा समिति दाड़लाघाट व जिला बिलासपुर की दो निजी दूध समितियों कामधेनु व केहलूर दूध समिति से जुड़े 8000 पशु पालकों को जुलाई और अगस्त माह के 1.45 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से प्रदान किए। इसके अलावा इन दूध समितियों को 3 रुपये प्रति लीटर की दर से 1.59 करोड़ रुपये परिवहन अनुदान के रूप में प्रदान किए। राज्य सरकार ने परिवहन अनुदान को 1.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 3 रुपये प्रति लीटर किया है। किसानों को इन योजनाओं से प्रति वर्ष 18.24 करोड़ रुपए के वित्तीय लाभ प्राप्त होंगे।

 

उन्होंने राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत अर्की विधानसभा क्षेत्र के आठ स्वयं सहायता समूहों को 28.80 लाख रुपए वितरित किए। इसके अलावा उन्होंने कामधेनु हितकारी मंच नम्होल के 10 प्रगतिशील दूध उत्पादकों को 34.20 लाख रुपए भी प्रदान किए। उन्होंने ट्रक ऑपरेटरों की सुविधा के लिए तैयार की गई एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च की।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों से किए सभी वायदे निभाए हैं। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां प्रदेश दूध प्रसंघ के माध्यम से गाय का दूध 51 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस का दूध 61 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हिमाचल प्रदेश के पशुपालक किसानों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है कि आज प्रदेश सरकार की दूध प्रोत्साहन योजना और परिवहन अनुदान योजना का शुभारम्भ हो रहा है।

उन्होंने कहा कि दूध प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत वे किसान जो पंजीकृत निजी दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े हैं और अपना दूध इन्ही समितियों को बेचते हैं, उन्हें तीन रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में पहुंचेगी। साथ ही, किसानों को इसकी जानकारी तुरन्त एसएमएस के माध्यम से मिलेगी जिसके लिए हिमाचल प्रदेश एनआईसी के माध्यम से विशेष पोर्टल विकसित किया गया है।

 

श्री सुक्खू ने कहा कि सरकार द्वारा निजी दूध समितियों द्वारा इकट्ठा किए जा रहे दूध के लिए दिए जा रहे परिवहन अनुदान को 1.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जिससे हज़ारों किसानों को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा मिल्क फैड के माध्यम से दूध प्रसंस्करण की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक पशुपालकों को दूध बेचने की सुविधा प्राप्त हो सके। अधिक से अधिक पशुपालकों को दूध विक्रय की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश में दूध सहकारी समितियां गठित करने का अभियान माह जून, 2025 से आरम्भ किया गया है तथा अब तक 320 दूध सहकारी समितियों का गठन कर लिया गया है। प्रदेश सरकार का प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में दूध सहकारी समिति का गठन करने का लक्ष्य है, जहां अधिक मात्रा में दूध उपलब्ध है।

 

विधायक संजय अवस्थी ने मुख्यमंत्री का इस योजना की शुरूआत के लिए अर्की विधानसभा क्षेत्र को चुनने के लिए धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए अनेकों प्रयास किए गए हैं। दूध के साथ प्राकृतिक रुप से उगाई जा रही मक्की, गेंहू, जौ और कच्ची हल्दी को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। किसी भी सरकार ने किसानों व बागवानों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए आज से पहले कभी भी इतना ध्यान नहीं दिया।

 

इस अवसर पर वन मंडल कुनिहार ने मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष में एक लाख रुपए, जबकि रिटायर्ड डीएसपी शकुंतला शर्मा ने 51 हज़ार रुपए का अंशदान दिया।

इससे पूर्व, अर्की विधानसभा क्षेत्र पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया और लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, विधायक राम कुमार चौधरी, जोगिंद्रा बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा, मिल्कफैड के चेयरमैन बुद्धि सिंह ठाकुर, वूल फेडरेशन के चेयरमैन मनोज ठाकुर, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, कांग्रेस नेता शिव कुमार, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

अर्की विधानसभा क्षेत्र में स्थापित होगा मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट


मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज अर्की विधानसभा क्षेत्र में मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की घोषणा की ताकि क्षेत्र के पशुपालकों को इसका लाभ मिले। उन्होंने दाड़लाघाट में खंड विकास कार्यालय खोलने का आश्वासन भी दिया, जिसके लिए पहले अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ट्रक ऑपरेटरों के लिए एक योजना पर भी काम कर रही है जिसके तहत डीज़ल ट्रक को ई-ट्रक में बदलने पर राज्य सरकार 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करेगी। इस योजना से दाड़लाघाट और बरमाणा के ट्रक ऑपरेटरों को लाभ मिलेगा।

दाड़लाघाट में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दो साल में दूध खरीद मूल्य में 21 रुपए तक की वृद्धि की है ताकि पशुपालन से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि तीन रुपए की दर से गोबर भी किसानों से ख़रीदा जा रहा है। इसके अलावा, प्राकृतिक रुप से उगाई जा रही मक्की, गेहूं, जौ और कच्ची हल्दी को न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीधे किसान के हाथ में लाभ देना चाहती है। आज एक शुरूआत है लेकिन यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। आने वाले समय में किसानों को और लाभ मिलेंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए आने वाले समय में एक और योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई योजनाओं के लाभ जानकर लोग फिर पशुपालन से जुड़ेंगे।

 

श्री सुक्खू ने कहा कि मैं गांव से निकलकर मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचा हूं, इसलिए उनके दर्द को समझता हूं, योजनाएं बनाता हूं और उन्हें धरातल पर उतारता हूं, इसके लिए नीतिगत बदलाव लाया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में राज्य सरकार बदलाव ला रही है। हमने कमियों का पता लगाकर उन्हें दूर किया, जिसके कारण शिक्षा में वर्ष 2021 में 21वें स्थान पर पहुंच चुका हिमाचल प्रदेश आज 5वें स्थान पर पहुंच गया है। भाजपा ने अपने कार्यकाल के अंतिम महीनों में 600 शिक्षण संस्थान खोल दिए, क्योंकि वह राजनीतिक लाभ की दृष्टि से खोले गए थे लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें बंद कर दिया क्योंकि ये तर्कसंगत नहीं थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से आज पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम पढ़ाई शुरू की जा चुकी है। अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में 100 सीबीएसई आधारित स्कूल खोले जाएंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुधार लाया जा रहा है, जबकि पिछली सरकारों ने इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। मेडिकल कॉलेजों में 20-20 साल पुरानी मशीनें लगी हैं, लेकिन किसी ने नई तकनीक लाने के बारे में सोचा तक नहीं। अच्छी जांच मशीनें न होने के कारण मरीज़ की बीमारी बढ़ती है और उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। इसलिए प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोल रही है। 50 विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित कर दिए गए हैं जहां 5-5 विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात कर दिए गए हैं और आने वाले समय में सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों से विशेषज्ञ डॉक्टर लगाए जाएंगे। मेडिकल कॉलेजों में भी सुधार लाया जा रहा है और एम्स दिल्ली की तरह प्रदेश में भी मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश ने वर्ष 2023 और 2025 में आपदा का सामना किया और वह स्वयं इस मुश्किल घड़ी में एक-एक परिवार से मिले और प्रभावितों के दुःख को समझ कर मुआवजा प्रदान करने के पुराने नियम बदले। प्रभावितों को फिर से बसाने के लिए विशेष राहत पैकेज के तहत पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घरों को बनाने के लिए 1.30 रुपये के बजाय अब यह राशि सात लाख रुपये की गई है। आंशिक रुप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए मिलने वाले मुआवजे को पांच हज़ार से बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है। इस वर्ष भी आपदा प्रभावितों को यह राहत पैकेज दिया जा रहा है और घर बनाने के लिए सात लाख रुपए मिलेंगे।

 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री वंचित वर्ग की सेवा कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश देवभूमि होने के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है, इसलिए राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि युवा पीढ़ी को चिट्टे व अन्य नशों के चंगुल से बचाने के लिए योगदान दें। उन्हें खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए ताकि उनकी ऊर्जा का सही इस्तेमाल हो सके।

 

कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू लीक से हटकर काम कर रहे हैं। गांवों की सुध लेने वाले ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हैं। वर्तमान राज्य सरकार का नारा है ‘चलो गांव की ओर’ और गांव की आर्थिकी सुधारने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कामधेनु संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस संस्था ने गांव की महिलाओं की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और राज्य सरकार भी दूध से किसानों की आय को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। कांगड़ा जिला के ढगवार में प्रदेश का सबसे बड़ा मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट बनाया जा रहा है, जहां पर प्रतिदिन दो लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग की जाएगी, जिसके बनने के बाद से किसानों को लाभ होगा।

 

कृषि मंत्री ने कहा कि अगर पशु पालक डिस्पेंसरियों तक नहीं आ सकते तो डॉक्टर पशु पालकों के पास जाकर उनके पशुओं की जांच करेंगे। डॉक्टरों को तीन-चार पंचायतों के क्लस्टर बनाकर पशुओं की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं की नस्ल में सुधार भी आवश्यक है, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सके।

 

स्थानीय विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सचिवालय जाने की परंपरा तोड़कर बालिका आश्रम गए और मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना की शुरुआत की, जो उनकी सोच का प्रतीक है। वह आपदा में प्रभावित परिवार के साथ खड़े रहे और प्रतिदिन हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना मुख्यमंत्री का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि देश में हिमाचल प्रदेश ही एकमात्र राज्य है, जिसने दूध के दाम को इतना बढ़ाया है। आज दूध उत्पादकों से किया एक और वादा निभाया है। इस योजना की शुरुआत आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश की तस्वीर बदल देगी और हिमाचल प्रदेश के किसान आर्थिक रुप से संपन्न होंगे।

 

 68.42 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी


मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला सोलन के अर्की विधानसभा क्षेत्र मंे 68.42 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने 23.01 लाख रुपये की लागत से निर्मित वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मझयाट के परीक्षा हॉल, 3.72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बथालंग के भवन के दूसरे चरण, 45.90 लाख रुपये की लागत से कृषि विस्तार कार्यालय, 2.23 करोड़ रुपये से निर्मित उप-कोषागार भवन दाड़लाघाट और 4.89 करोड़ रुपये की लागत से नव-निर्मित पुलिस स्टेशन भवन दाड़लाघाट का लोकार्पण किया।
उन्होंने नाबार्ड के अन्तर्गत 7.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मझयाट-पट्टी देवरा-पपलऊ सड़क, 1.35 करोड़ रुपये की लागत से जल शक्ति उप-मंडल अर्की के अन्तर्गत विभिन्न पेयजल योजनाओं के सुधार व पुनर्गठन कार्य तथा 24.48 करोड़ रुपये की लागत से गम्भर खड्ड से अर्की क्षेत्र की आंशिक रूप से कवर बस्तियों तक उठाऊ पेयजल योजना के कार्य का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने 58.95 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले डुमैहर पशु चिकित्सालय भवन, अर्की नगर के लिए 18.50 करोड़ रुपये के पेयजल योजना सुधार कार्य, अर्की तहसील की ग्राम पंचायत सरैयांज और मटेरनी के लिए 2.32 करोड़ रुपये की लागत से जल वितरण प्रणाली के सुधारीकरण कार्य और दाड़लाघाट में 1.88 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले उप-मंडल पुलिस अधिकारी कार्यालय व सह-आवासीय भवन की आधारशिला रखी।


मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि यह परियोजनाएं क्षेत्र के समग्र विकास और स्थानीय लोगों को घर-द्वार के निकट सुविधा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के संतुलित और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने क्षेत्र के लिए इन विकास परियोजना को समर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अर्की विधानसभा क्षेत्र की विकासात्मक आवश्यकताओं के प्रति हमेशा से संवेदनशील रहे हैं और निरंतर सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

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