
चुवाड़ी (चंबा), 03 नवंबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज चंबा ज़िला के भटियात विधानसभा क्षेत्र के चुवाड़ी में सिविल कोर्ट खोलने की घोषणा की। उन्होंने स्थानीय लोगों की मांग पर क्षेत्र में सीबीएसई सम्बद्ध स्कूल खोलने की भी घोषणा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए 10 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने भटियात विधानसभा क्षेत्र के चुवाड़ी चौगान में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ये घोषणाएं कीं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले माह से ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करेगी। इस योजना के तहत गरीब परिवारों की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली तथा स्वास्थ्य बीमा कार्ड के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस योजना से भटियात विधानसभा क्षेत्र के लगभग 10 हजार पात्र परिवारों की 20 हजार महिलाएं लाभान्वित होंगी।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान देते हुए स्पष्ट दृष्टिकोण अपनाया है। राज्य सरकार कच्ची हल्दी के लिए 150 रुपये प्रति किलोग्राम, गेहूं के लिए 80 रुपये प्रति किलोग्राम तथा मक्की के लिए 50 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गाय के दूध के लिए 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य दे रही है, जो पहले की दरों से लगभग दोगुना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों तक अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए 190 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त मेडिकल कॉलेज में 32 स्नातकोत्तर सीटें भी उपलब्ध करवाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया और सुशासन के मोर्चे पर विफल रही। उन्होंने कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया है। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश दौरे के दौरान घोषित 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी अभी तक राज्य को प्राप्त नहीं हुई है। इन चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार संसाधन सृजन और भ्रष्टाचार को समाप्त कर प्रदेश को समृद्धि एवं आत्मनिर्भरता की राहत पर आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने आवश्यक स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना कई स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक संस्थान खोल दिए थे। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों का युक्तिकरण किया है और शिक्षकों के हजारों रिक्त पद भरे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो से तीन सीबीएसई सम्बद्ध स्कूल खोले हैं तथा पूरी तरह मेरिट के आधार पर 2,700 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की है।
उन्होंने कहा कि 100 से अधिक स्कूलों को सीबीएसई से सम्बद्ध किया जा रहा है, जिसके लिए शैक्षणिक स्टाफ के पदों का भर्ती विज्ञापन भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के व्यावहारिक प्रयासों के फलस्वरूप वर्ष 2025 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के मामले में हिमाचल प्रदेश देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया, जबकि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2021 में प्रदेश 21वें स्थान पर था।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने चंबा जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित किया है। अपने गृह विधानसभा क्षेत्र भटियात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले इस क्षेत्र को पिछड़ा विधानसभा क्षेत्र माना जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल आपूर्ति सहित सभी क्षेत्रों में इसका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने समाज के कमजोर वर्गों की सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कई ऐतिहासिक एवं अभिनव पहलें की हैं। इनमें मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना और मुख्यमंत्री ग्रीन पंचायत योजना की शुरुआत शामिल है। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक आपदाओं में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए मकानों के पुनर्निर्माण के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता को 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 8.50 लाख रुपये किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को भटियात क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक मांगों से भी अवगत करवाया।
इस दौरान, सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नंद लाल के निधन तथा युवा कांग्रेस नेता चंद्रमणि कुलेठी के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर विधायक नीरज नैय्यर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, पूर्व विधायक अजय महाजन, ज़िला परिषद अध्यक्ष रेखा ठाकुर और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
419.90 करोड़ रुपये की 36 विकासात्मक परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज चंबा जिला के एक दिवसीय दौरे के दौरान चुवाड़ी से भटियात विधानसभा क्षेत्र के लिए 419.90 करोड़ रुपये की लागत की 36 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए। जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग से संबंधित इन परियोजनाओं का उद्देश्य पेयजल आपूर्ति, सीवरेज आधारभूत संरचना, बाढ़ सुरक्षा कार्यों तथा सड़क संपर्क व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
मुख्यमंत्री ने भटियात विधानसभा क्षेत्र में आठ विकासात्मक योजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें 5.42 करोड़ रुपये की लागत से एफआईएस खगल-सिहुंता का पुनर्निर्माण और ग्राम पंचायत जतरून में 1.03 करोड़ रुपये की लागत से पुर्ननिर्मित होने वाली उठाऊ सिंचाई योजना सरना का लोकार्पण किया।
उन्होंने 60.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना का भी लोकार्पण किया। इस पेयजल योजना से भटियात तहसील की विभिन्न ग्राम पंचायतें बगढार नगाली, डलोग, मोरनू, सुदली, चुहन, नैनीखड्ड, बैली, बलेरा, जिऊंता, तुन्नुहट्टी, मेल, समलेऊ, टप्पर, पढ़ोरतु, मनोला, रुलियाणी, ओसल, बाथरी और शेरपुर आदि के विभिन्न गांव लाभान्वित होंगी।
इसके अतिरिक्त, चुवाड़ी कस्बे के लिए 19.19 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना, जतरून, त्रिमत और सलोह गांवों के लिए 4.19 करोड़ रुपये के बाढ़ सुरक्षा कार्य, मोतला गांव के लिए 1.74 करोड़ रुपये के बाढ़ सुरक्षा कार्य, समोट एवं आसपास के गांवों के लिए 11.61 करोड़ रुपये की लागत से ग्रेविटी पेयजल आपूर्ति योजना तथा सरनू, सलोह, चुलाड़ी एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए 1.71 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई जलापूर्ति योजना का भी लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग की दो अन्य योजनाओं का भी लोकार्पण किया। इनमें नाबार्ड के तहत 37.52 करोड़ रुपये की लागत से ककीरा कस्बा, गाहर, परछोड़ एवं आसपास के गांवों के लिए उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना तथा एडीबी के तहत 8.81 करोड़ रुपये की लागत से डंगोरी पेयजल योजना का संवर्धन एवं पुनर्निर्माण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने भटियात विधानसभा क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की सात परियोजनाओं की आधारशिलाएं भी रखीं। इनमें 31.46 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सिहुंता एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए सीवरेज प्रणाली और चुवाड़ी सीवरेज योजना के तहत 3 करोड़ रुपये की लागत के इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन कार्य की आधारशिला रखीं।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 34.07 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली विभिन्न पेयजल योजनाओं के सुधार, संवर्धन एवं विस्तार, 6.08 करोड़ रुपये की लागत से एफआईएस कल्याणा से छतराड़, खड़गत-एक एवं हटली का पुनर्निर्माण तथा 7.89 करोड़ रुपये की लागत से एफआईएस धुलारा, सिहुंता-मोटला एवं बेठा के पुनर्निर्माण कार्य की आधारशिला भी रखीं। इसके अतिरिक्त, ककीरा एवं चुवाड़ी नगर के लिए 2.14 करोड़ रुपये की अग्निशमन प्रणाली तथा सिहुंता एवं समोट कस्बों के लिए 1.63 करोड़ रुपये की अग्निशमन प्रणाली की आधारशिलाएं भी रखीं।
मुख्यमंत्री ने भटियात विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की पांच सड़क एवं पुल परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया। इनमें 20.34 करोड़ रुपये की लागत से चुवाड़ी-जोत सड़क का उन्नयन, 4.25 करोड़ रुपये की लागत से समोट-मन्हुटा सड़क का उन्नयन, 6.18 करोड़ रुपये की लागत से टुंडी-धरून सड़क का उन्नयन, 6.25 करोड़ रुपये की लागत से बलाणा से गोला संपर्क मार्ग का निर्माण तथा 3.19 करोड़ रुपये की लागत से सिहुंता-जोलना खास सड़क पर नरेलू नाले पर 25 मीटर स्पैन पुल का निर्माण शामिल है।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने भटियात विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की 14 परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखीं। इनमें 10.29 करोड़ रुपये लागत से निर्मित होने वाली मोटला से सुखियार सड़क, 10.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली घटासनी पुल से भलोग सड़क, 7.16 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली बलाणा से बल्ली सड़क, 21.15 करोड़ रुपये से पातका से छतरेल सड़क, 8.19 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली ट्रांसफार्मर से कल्लर-जोलना सड़क तथा 5.66 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली बड्डरमान से बनोली सड़क के शिलान्यास शामिल हैं।
इसके अलावा, 20.48 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली कहरी से राखेड़ संपर्क सड़क, 8.46 करोड़ रुपये की लागत से मोरनू से जोलना सड़क, 5.42 करोड़ रुपये की लागत से मराड़ गांव के लिए संपर्क सड़क, 3.78 करोड़ रुपये की लागत से लोअर कामला गांव के लिए संपर्क सड़क, 4.38 करोड़ रुपये की लागत से तुल्लर से कुठेड़ संपर्क सड़क तथा 3.98 करोड़ रुपये की लागत से धरवाई गांव के लिए निर्मित होने वाली संपर्क सड़क की आधारशिला रखीं।
अन्य दो परियोजनाओं में चुवाड़ी में 9.68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले लोक निर्माण विभाग के परिधि गृह तथा सिहुंता में 21.99 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले संयुक्त कार्यालय भवन का शिलान्यास भी किया।







