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हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को लगेंगे पंख: पर्यटन क्षेत्र में बहुआयामी प्रयास

एफ.आई.आर. लाइव डेस्क Updated on Sunday, February 19, 2023 17:44 PM IST
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को लगेंगे पंख: पर्यटन क्षेत्र में बहुआयामी प्रयास

हिमाचल प्रदेश की मनोहारी वादियां, ऐतिहासिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थल सभी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। पर्यटन क्षेत्र राज्य की आर्थिकी को संबल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय में साथ निरंतर आगे बढ़ रही प्रदेश सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए दृढ़ प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार राज्य में धार्मिक, स्वास्थ्य और धरोहर पर्यटन को व्यापक प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। जनसंख्या की दृष्टि से कांगड़ा प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है और इसे प्रदेश के मुख्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में पहचान दिलाने के सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

  
प्रदेश सरकार हर जिला मुख्यालय के समीप हेलीपैड बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इन हेलीपैड के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया प्रगति पर है। प्रदेश के मौजूदा हवाई अड्डों को विस्तार प्रदान करने की भी योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। प्रदेश का कांगड़ा जिला प्राचीन मंदिरों, बौद्ध मठों, गिरिजाघरों, जलाशयों, विश्व प्रसिद्ध बिलिंग पैराग्लाइडिंग स्थल, हिमाच्छदित धौलाधार पर्वतमालाओं और झीलों के लिए सुप्रसिद्ध हैं। इन्हें पर्यटन की दृष्टि से और विकसित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम के माध्यम से कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा।

प्रदेश में गतिविधि आधारित पर्यटन को विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा जिससे राज्य के युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे तथा यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मील पत्थर साबित होगा। प्रदेश सरकार कांगड़ा के देहरा में अंतरराष्ट्रीय मापदंडों वाले चिड़ियाघर तथा गोल्फ कोर्स स्थापित करने पर भी विचार कर रही है।


धौलाधार की नैसर्गिंक सुंदरता के प्रति पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश सरकार की धौलाधार पर्वत श्रृंखलाओं के बेस कैंप में ‘टेंट सिटी’ स्थापित करने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तावित है तथा इन श्रृंखलाओं को संपर्क सुविधा से भी जोड़ा जाएगा। शुरूआती चरण में लगभग सभी सुविधाओं से युक्त 200 टेंट स्थापित किए जाएंगे।

इस दिशा में हाल ही में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की गोवा के मुख्यमंत्री के साथ हुई एक बैठक में दोनों राज्यों में समुद्र और पहाड़ के अनुभव को एक साथ मिलाने के लिए सहयोग करने पर सहमति बनी है ताकि इसे दुनिया में एक अनूठा गंतव्य बनाया जा सके। समुद्र-पर्वतीय आधारित विषय विज्ञान कार्यशालाओं और कार्यक्रमों के आदान-प्रदान की श्रृंखला के माध्यम से फोर-टी यानि ट्रेड, टूरिज्म, टैक्नोलॉजी एवं टैलेंट की क्षमता बढ़ोत्तरी पर कार्य किया जाएगा।

प्रदेश सरकार वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत 25 स्थलों को पर्यटक आकर्षण स्थलों के रूप में विकसित करने पर भी विचार कर रही है। इसके अतिरिक्त राज्य में जलाशय पर आधारित पर्यटन को विशेष रूप से प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। चंबा स्थित चमेरा डैम, रामसर आर्द्रभूमि स्थल तथा बिलासपुर की गोविंदसागर झील को जल क्रीड़ा गतिविधियों पर आधारित स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। भविष्य में सरकार युवाओं को पेडल बोट या हाइड्रोफॉयल बाइक खरीदने के लिए उपदान की सुविधा भी प्रदान करेगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

प्रदेश में माउंटेन बाइकिंग, गोल्फ, हॉट-एयर बैलूनिंग, हेली-स्कीइंग, शीतकालीन खेलों जैसे स्नो मैराथन और आइस हॉकी जैसी गतिविधियों को विस्तृत स्तर पर बढ़ावा प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, कयाकिंग, वॉटर स्कीइंग, हाउस बोट अकॉमोडेशन, कैंपिंग, राफ्टिंग आदि गतिविधियां भी आरम्भ की जाएंगी और स्थानीय युवाओं को इस तरह की गतिविधियों के लिए पेशेवरों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडरों के लिए बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडिंग साइट को विकसित किया जाएगा।
अटल टनल लाहौल के उत्तरी छोर पर स्थित सिस्सू एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है। सिस्सू एडवेंचर क्लब और टूरिज्म सोसाइटी सिस्सू में पर्यटन की विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है जिससे जनजातीय जिले के लोगों की आर्थिकी में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं। स्पीति के काजा में आइस हॉकी चौंपियनशिप की मेजबानी की गई। अब सार्वजनिक-निजी भागीदारी से शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के सभी धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। पार्किंग स्थलों के अलावा सभी धार्मिक स्थलों में बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के इन प्रयासों से निश्चित रूप से प्रदेश में पर्यटन को नए पंख लगेंगे और इससे राज्य की आर्थिकी को भी संबल मिलेगा।
जारीकर्ता: निदेशक, सूचना एवं जन संपर्क, हिमाचल प्रदेश, शिमला-171002

 

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