
डलहौजी(चंबा), 10 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के डलहौजी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रदेश में पहली बार हुआ है कि जब सवा सौ करोड़ की लागत का प्रोजेक्ट ढाई सौ करोड़ रुपए में लगाया गया है और 2 साल के दरमियान उस प्रोजेक्ट की वित्तीय स्वीकृति तक नहीं ली गई है। इस प्रोजेक्ट में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के भ्रष्टाचार का स्पष्ट आरोप लग चुके हैं। इस प्रोजेक्ट में सामने आया है फॉर्च्यूनर इनोवा गाड़ियां प्रभावशाली नेताओं को नजराने के रूप में दी गई हैं। उन्होंने इसकी जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इसी भ्रष्टाचार की वजह से पॉवर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत हुई है। पॉवर कारपोरेशन में सुक्खू सरकार के आने के बाद से ही विवाद और भ्रष्टाचार का आरोप लग रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने सदन से लेकर सड़क तक इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई लेकिन सरकार ने जांच करवाना भी जरूरी नहीं समझा है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय विमल नेगी के परिवार की मांग के बाद भी सरकार इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने को तैयार नहीं है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री देश भर में घूम-घूम कर कहते हैं कि हिमाचल के वित्तीय स्थिति के लिए पूर्व सरकार जिम्मेदार है। केंद्र की सरकार कोई सहयोग नहीं कर रही है। जबकि हकीकत इससे उलट है जितना कर्ज पूरे प्रदेश में 25 सालों में लिया है उसका आधा कर्ज सुक्खू सरकार ने अकेले दो साल में लिया है। आज प्रदेश में जितने भी विकास के काम हो रहे हैं वह सारे के सारे काम केंद्र सरकार की स्कीमों के तहत हो रहे हैं। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास हो, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हो, आयुष्मान हो, नेशनल हेल्थ मिशन हो, समग्र शिक्षा हो, सीआईआरएफ का फंड हो। सब कुछ केंद्र सरकार द्वारा ही दिया जा रहा है। वर्तमान सरकार ने अपनी सारी गारंटियों को पहले दिन ही छोड़ दिया, प्रदेश में कानून व्यवस्था गर्त में चली गई है। प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के मामले सामने आए हैं। प्रदेश में चारो तरफ लूट मची हुई है।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मीडिया के सवालों के जवाब में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एनओसी दिए जाने के बाद भी ट्रेजरी से ठेकेदारों को पेमेंट नहीं जारी की गई है। ठेकेदारों का प्रदेश के विकास में योगदान होता है। दो-दो साल से उनके लंबित बिलों का भुगतान सरकार द्वारा नहीं किया जा रहा है। उनकी मशीनें बैंक उठाकर ले गए हैं। सरकार से अधिकारियों को फोन करने के बाद ही चुनिंदा लोगों का पैसा जारी हो रहा है। इसके बाद निर्धारित बिल पर कांग्रेस के नेताओं को कमीशन दिए जाने के बाद ही ठेकेदारों को भुगतान हो रहा है। व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार में यह नया धंधा चल रहा है। इस मौके पर उनके साथ कांगड़ा के सांसद डॉक्टर राजीव भारद्वाज, डलहौजी के विधायक डीएस ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।







