
चंबा, 17 अक्तूबर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने चंबा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर प्रदेश की जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने और चुनावी गारंटियों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अपनी विफलताओं को छिपाने और वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अब मुख्यमंत्री नए जिले बनाने की बात कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर जिस तरह कांग्रेस और राहुल गांधी अराजकता फैला रहे हैं, उससे यह साफ़ है कि वह वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण के ख़िलाफ़ है। ईवीएम और वोट चोरी के आरोप को जनता ने नकार दिया है, इसलिए अब कांग्रेस और बौखलाहट में है। राहुल गांधी को कभी चौकीदार चोर तो कभी इलेक्शन कमीशन चोर बोलने की आदत सी हो गई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा नए जिलों के गठन को लेकर की जा रही कसरत पर कहा कि अगर राजनीतिक मकसद से जिलों का गठन हुआ तो हम भाजपा सरकार आते ही इसको रिव्यू करेंगे। गलत तरीके और जनभावना के विपरीत विधानसभा क्षेत्रों को जोड़ तोड़ कर जिले बनाए तो कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री को ये महंगा पड़ेगा।
जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र के कोटी और डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के भलेई में आयोजित नवनिर्वाचित पंचायत जनप्रतिनिधि सम्मान सम्मेलनों में शिरकत कर जहाँ उन्होंने सभी को बधाई दी और पार्टी कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार किया। सम्मेलन के दौरान नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने उनसे ग्रामीण विकास को गति देने और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में संपन्न हुए पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को मिली भारी सफलता से प्रदेश की जनता का राजनीतिक रुझान पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस की नीतियों को नकार दिया है और आगामी विधानसभा चुनावों में राज्य से कांग्रेस का सफाया होना तय है। इसी के साथ उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर अभी से चुनावी तैयारियों में जुटने का आग्रह किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सुक्खू सरकार पर पिछली भाजपा सरकार की लोकप्रिय योजनाओं को बदले की भावना से बंद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गृहिणी सुविधा, शगुन, सहारा, हिमकेयर और स्वावलंबन जैसी योजनाएं, जो गरीब और जरूरतमंद वर्गों के लिए सहारा थीं, उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसके अलावा, चुनाव के समय दी गई 10 गारंटियों और घोषणापत्र के वादों पर भी सरकार ने कोई ठोस काम नहीं किया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में भाजपा सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में बुजुर्गों की पेंशन आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष की गई थी, जबकि सुक्खू सरकार ने आते ही जनता की मांग पर खुले हजारों संस्थानों को डिनोटिफाई कर दिया। अब समय आ गया है कि जनता इस सरकार को ही डिनोटिफाई कर दे।
जयराम ठाकुर ने पंचायत चुनावों को टालने की कथित कोशिशों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने लोकतंत्र की नींव कहे जाने वाले इन चुनावों को रोकने के तमाम हथकंडे अपनाए, लेकिन भाजपा ने संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़ी और चुनाव करवाकर दिखाए।
नए जिलों के गठन पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राजनीतिक मकसद, गलत तरीके या जनभावनाओं के विपरीत विधानसभा क्षेत्रों की तोड़-मरोड़ कर जिले बनाए गए, तो भाजपा की सरकार आते ही इन फैसलों का रिव्यू किया जाएगा और यह कदम कांग्रेस को बहुत महंगा पड़ेगा। चंबा में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी पर भी तीखे प्रहार किए। उन्होंने राहुल गांधी के ईवीएम, वोट चोरी और संस्थाओं पर उठाए जाने वाले सवालों पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि यदि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनी तो क्या यहाँ भी वोट चोरी हुई थी? और अब पंचायत चुनावों में जनता ने भाजपा को चुना है, तो राहुल गांधी को बताना चाहिए कि जनता बार-बार भाजपा को क्यों चुन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठा नहीं रखते और उनकी इसी मानसिकता के कारण कांग्रेस को हर चुनाव में हार का सामना करना पड़ रहा है। देश का युवा और जेन-जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और देश में हो रहे सर्वांगीण विकास के साथ मजबूती से खड़ा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी नीतियों और भाजपा की विचारधारा से प्रभावित होकर कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने आज भी भाजपा का दामन थामा, जिनका उन्होंने पार्टी में स्वागत किया। इस दौरान कांगड़ा-चंबा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक सुलह विपिन सिंह परमार, विधायक हंसराज, डी.एस. ठाकुर, पूर्व विधायक पवन नैयर, जिलाध्यक्ष धीरज नरयाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।







