
शिमला, 23 दिसंबर। राज्य के इंडस्ट्रीलिस्ट एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट कर उन्हें विभिन्न मांगों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में उद्योगों को सुविधाएं प्रदान कर रही है और उद्योग हितैषी वातावरण स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योगों को दी जाने वाली किसी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न से सख्ती से निपटा जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रदेश में हरित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने उद्यमियों से प्रदेश में सूचना प्रोद्यौगिकी क्षेत्र, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और जल विद्युत ऊर्जा जैसे हरित ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती है और हरित पहल ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों को कम करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। राज्य सरकार ने इस संबंध में अनेक पहल की हैं और राज्य में ई-वाहनों के संचालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सोलन जिला के नालागढ़ में एक मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट भी स्थापित कर रही है। राज्य सरकार उद्यमियों को उद्यम स्थापित करने के लिए बेहतर सुविधाएं और अवसर प्रदान करने के लिए बुनियादी अधोसंरचना का विस्तार कर रही है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और इंडस्ट्रीलिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद थे।
केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित की जा रही परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि प्रदेश के लोग इनसे लाभान्वित हो सकें। प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने नई परियोजनाएं बनाने और इन्हें प्राथमिकता प्रदान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने समाज कल्याण, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा जनजातीय एवं महिला कल्याण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और कृषि संबंधी केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी प्रगति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने लोगों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए इन्हें समयबद्ध पूर्ण करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे इन परियोजनाओं की लागत वृद्धि से बचा जा सकता है और इससे प्रदेश के विकास को भी गति मिलेगी। प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को घरद्वार के निकट सर्वोत्तम सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है और अधिकारियों को लक्षित समुदायों के कल्याण के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान प्रदेश ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है और राज्य के लोगों के कल्याण के लिए अनेक अभिनव योजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने विभागों को राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों के बारे में लोगों को जागरूक करने को कहा ताकि संवेदनशील वर्गों के लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चन्द शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव सी.पालरासू, राकेश कंवर, आशीष सिंघमार, राजेश शर्मा, राखिल काहलों, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा बैठक में उपस्थित रहे जबकि मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और सचिव अभिषेक जैन वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।







