
शिमला, 23 फरवरी। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। बजट सत्र के पहले ही दिन बुधवार को विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण के बीच ही वाकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर आ गए और राज्यपाल के अभिभाषण को झूठ का पिटारा बताते हुए जमकर नारेबाजी की।
यह बजट सत्र जय राम ठाकुर सरकार का अंतिम बजट सत्र है। इसी साल विधानसभा चुनावों के चलते विपक्षी दल कांग्रेस प्रदेश सरकारक को घेरने की कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहा है। इसी लिए कांग्रेसी विधायकों ने राज्यपाला के अभिभाषण के दौरान ही सदन से वाकआउट करके मौजूदा विधानसभा का आखिरी हंगामेदार रहने के संकेत दे दिए हैं।
कांग्रेस विधायकों ने सदन से बाहर आकर कहा कि प्रदेश सरकार की विफलताओं को छिपाया नहीं जा सकता है। प्रदेश सरकार ने 4 साल के कार्यकाल में कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया है कि राज्यपाल सरकार की उपलब्धियों का बखान करें। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण झूठ का दस्तावेज है बाकी कुछ नहीं है, इसलिए वाकआउट किया गया है। राज्यपाल के अभिभाषण में केंद्र का धन्यवाद किया गया है और जबकि किसी भी तरह की कोई आर्थिक मदद नहीं की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चोर दरवाजे से लोगों को भर्तियां की जारी हैं, नियम कायदे ताक पर रख दिए गए हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। इस संबंध में कोई बात नहीं की जा रही है। साथ ही कर्मचारियों को लेकर अभिभाषण में कुछ नहीं कहा गया है।
उधर, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस विधायकों के आचरण को गलत बताते हुए कहा कि राज्यपाल का पद संवैधानिक है और विपक्ष को इसका सम्मान करना चाहिए। राज्यपाल के अभिभाषण के बीच कांग्रेस विधायकों का वाकआउट और नारेबाजी करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सत्ता में आने के मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहा है। भाजपा पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी और दोबारा सत्ता में काबिज होगी।







