
शिमला, 11 अक्तूबर। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला से जारी बयान में कहा कि सुक्खू सरकार तानाशाही पर उतर आई है। सरकार की नाकामी का सच लिखने वाले पत्रकारों पर मुकदमे किए जा रहे हैं और उन्हें कानूनी शिकंजे में फसाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार के खिलाफ एक खबर लिखने पर फिर एक पत्रकार पर मुख्यमंत्री ने अपने चहेतों के जरिये मुकदमा दर्ज करवाया है। लोकतंत्र में अस्थाई विपक्ष कहे जाने वाले मीडिया का इस तरह गला घोटना अत्यंत दुखद एवं शर्मनाक है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार हर मोर्चे पर नाकाम होने के बाद अब पत्रकारों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। यह सरकार भले कोई काम ना करे लेकिन उसकी नाकामी को उजागर करने वाले पत्रकारों और सिविल सोसाइटी के लोगों को मुकदमे में फंसा कर उन्हें परेशान करने के रास्ते पर चल पड़ी है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेसनीत सुक्खू सरकार की नाकामी पूरे प्रदेश के सामने आ चुकी है। हिमाचल प्रदेश की राष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी कराने में मुख्यमंत्री ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके बाद मुख्यमंत्री यह चाहते हैं कि उनके खिलाफ सिर्फ अच्छा-अच्छा लिखा जाए, अच्छा-अच्छा बोला जाए, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं है। जब सरकार काम नहीं करेगी झूठ पर झूठ बोलेगी तो पत्रकार उसे सही नहीं ठहराएगा। अब बहुत देर हो गई है सरकार की यह तानाशाही नहीं चलेगी उसकी नाकामी के खिलाफ प्रदेश में हर व्यक्ति हर वर्ग आवाज उठाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार मुकदमों के दम पर न सच छिपा सकती है और न ही लोगों की आवाज दबा सकती है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार इस अघोषित इमरजेंसी के दौर से बाहर आए और लोकतांत्रिक सरकार की तरह व्यवहार करे। अपनी गारंटियों को अमलीजामा पहनाए। प्रदेश में बंद पड़े विकास के कार्यों को फिर से शुरू करे। जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि तानाशाही बंद की जाए और यह भी याद रखा जाए कि भारत में तानाशाही से चलने वाली सरकारों की क्या दशा हुई है। उन्होंने पत्रकारों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा करना बंद किया जाए।







