Saturday, May 18, 2024
BREAKING
सांसद चुनने के लिए 1910 केंद्रों में मतदान करेंगे कांगड़ा-चंबा के 15 लाख मतदाता भाजपा की सोच और भाषा संकुचित, देश और राज्‍यों में खींच रही लकीर: आनंद शर्मा जनसेवा नहीं, धन सेवा के लिए राजनीति कर रहे राजेंद्र राणा: मुख्यमंत्री कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र में 10 प्रत्याशी मैदान में, धर्मशाला उपचुनाव के लिए 4 प्रत्याशी धनबल की बजाय जनबल के साथ खड़ी है जनता : सुनील शर्मा मनाली में युवती की हत्‍या करके बैग में किया पैक, युवक गिरफ्तार डराना छोड़, अपने वायदों का लेखाजोखा जनता के समक्ष रखे भाजपा और पीएम मोदी: आनंद शर्मा सरकार ने गोपालकों की धनराशि बढ़ाकर 1200 रुपये की, गठित होगी टास्‍क फोर्स: सीएम भटियात में कांग्रेस प्रत्याशी आनंद शर्मा का जोरदार स्वागत, उमड़ा जन सैलाब जवाली, फ़तेहपुर और इंदौरा में आनंद शर्मा का विशाल जनसमूह ने किया स्वागत
 

चिंताओं को दूर करके मनोकामनाओं को पूर्ण करती है माता श्री चिंतपूर्णी

एफ.आई.आर. लाइव डेस्क Updated on Wednesday, March 22, 2023 17:35 PM IST
चिंताओं को दूर करके मनोकामनाओं को पूर्ण करती है माता श्री चिंतपूर्णी

चिंतपूर्णी(ऊना),22 मार्च। हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के नाम से जाना जाता है। प्रदेश के हर कोने-कोने में देवी-देवताओं का वास है जोकि लोगों की आस्था का केन्द्र बने हुए हैं। देश के कोने-कोने से लोग इन धार्मिक स्थलों में आकर अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट करते हैं। ज़िला ऊना का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माताश्री चिंतपूर्णी का नाम भी पूरे देश में सुविख्यात है। माताश्री चिंतपूर्णी अर्थात् चिंताओं को दूर करने वाली देवी जिसे छिन्नमस्तिका भी कहा जाता है। देश के 51 शक्तिपीठों में से एक है-विश्वविख्यात छिन्नमस्तिका धाम माताश्री चिंतपूर्णी।

 

मान्यता अनुसार इस स्थान पर विष्णुचक्र द्वारा कटे सती के शरीर के चरण पड़े थे। प्रसिद्ध शक्तिपीठ माताश्री चिंतपूर्णी का मन्दिर ज़िला मुख्यालय ऊना से 50 किलोमीटर की दूरी पर अम्ब उपमण्डल के भरवाईं से तीन किलोमीटर दूर चिंतपूर्णी में स्थित है। मान्यता के अनुसार देवी भक्त माईदास के पिता दुर्गा माता के परम्भक्त थे और माई दास भी अपने पिता की भांति दुर्गा मां का अनन्य भक्त था। माईदास के दो भाई इसे पसन्द नहीं करते थे। पिता ने अपने जीते-जी ही माईदास की शादी करवा दी थी और उसकी पूजा भक्ति से प्रसन्न होकर वह उसके परिवार का पूरा ध्यान रखते थे। लेकिन जब पिता जी स्वर्ग सिधार गये तो दोनों भाइयों ने उसे अलग कर दिया। माईदास के परिवार पर अनेक मुसीबतें आई परंतु उसकी आस्था मां दुर्गा में अटूट बनी रही और उसका विश्वास था कि मां दुर्गा की कृपा से सब कुछ ठीक हो जाएगा।

 

माईदास का ससुराल पीरथीपुर नामक गांव में था। उन दिनों यातायात की सुविधाएं नहीं थी। अधिकांश सफर पैदल ही करना पड़ता था। एक बार जब माईदास छपरोह से गुजर रहा था तो वह यहां पर स्थित वटवृक्ष के नीचे विश्राम करने के लिए लेट गया। कुछ समय पश्चात उसे नीद आ गई। उसी स्वप्न में एक कन्या के दर्शन हुए। कन्या ने स्वप्न में माईदास से कहा कि तुम मेरी यहां नित्य प्रेम पूर्वक अराधना आरंभ करो। स्वप्न टूटने पर माईदास को कुछ भी दिखाई नही दिया। उसके उपरांत वह अपने ससुराल चला गया। रात को बिस्तर पर लेटने पर लाख कोशिश करने के उपरांत भी उसे नींद नहीं आईं तो अंत में वह रात्रि के समय ही ससुराल से छपरोह आ पहुंचा तथा यहां आकर मां के आगे विनम्रता पूर्वक प्रार्थना करने लगा कि मां अगर तुम सच्ची हो तो तुम मुझे अभी दर्शन दो।

 

माईदास की प्रार्थना से सम्पन्न होकर माता ने कन्या रूप में दर्शन दिए और कहा कि चिरकाल से यहां स्थित वटवृक्ष के नीचे मेरा घर है, तुम यहां पूजा अर्चना शुरू कर दो। यहां पर पूजा अर्चना करने से तुम्हारे और अन्य सभी लोगों के कष्ट एवं चिंताएं खत्म हो जाएंगी। माईदास ने कन्या से कहा कि न ही यहां मेरे रहने की कोई व्यवस्था है और न ही पीने के लिए पानी का प्रबंध है। यह सुनकर कन्या ने कहा कि मैं सभी लोगों के ऊपर अपना प्रकाश डालूंगी, जिससे वे यहां मेरा मंदिर बनाएंगे। यहां से 50 गज की दूरी पर पहाड़ी के नीचे एक पत्थर को उखाड़ने से पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। कन्या ने कहा कि मेरी पूजा के समस्त अधिकार आपके तथा आपके परिवार के होंगे। आपके वंश के लिए किसी प्रकार का सूतक-पातक का बंधन नहीं होगा। यहां पर किसी प्रकार का गलत अत्याचार या गलत कार्य होने पर, मैं किसी भी कन्या में प्रेवश कर आपकी समस्या का समाधान करूंगी। तदपश्चात कन्या पिंडी के रूप में लुप्त हो गई।

 

एक प्राचीन वटवृक्ष की छाया तले मां का भव्य मंदिर बना है जिसमें मां के प्रतीक के रूप में माता की पिंडी विद्यमान है। इस सिद्ध शक्तिपीठ धाम को आमतौर पर सभी माता श्री चिंतपूर्णी के नाम से जानते हैं। एक अन्य प्रचलित कहानी के अनुसार चिंतपूर्णी मंदिर में एक तालाब है जिसका जीर्णाउद्धार महाराज रणजीत सिंह ने करवाया था। मंदिर के प्रागंण में स्थित वटवृक्ष अती प्राचीन है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां स्थित वटवृक्ष की शाखाओं में डोरियां बांधने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माता श्री चिंतपूर्णी में प्रत्येक वर्ष श्रावण अष्टमी, चैत्र एवं आश्विन के नवरात्रों में मेले लगते हैं। इस दौरान यहां देश के विभिन्न कोनों से लाखों की तादाद में श्रद्धालु आते हैं और माता श्री चिंतपूर्णी में शीश निभाते हैं। यह भी सत्य है कि मां अपने श्रद्धालुओं की चिंताएं दूर करके उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और उनके आंचल को खुशियों से भर देती है।

 

चैत्र नवरात्र मेले के दौरान प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंध

 

मंदिर न्यास माता श्री चिंतपूर्णी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने बताया कि चैत्र नवरात्र मेले के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र को चार सैक्टर में बांटा गया हैं तथा पर्याप्त मात्रा में पुलिस व होमगार्ड जवान नियुक्त किए हैं। उन्होंने बताया कि असामाजिक तत्वों के जरिए होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए मेले के दौरान मंदिर व मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरें भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए माता श्री चिंतपूर्णी के कपाट 24 घंटे खुले रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं को दर्शनार्थ के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो। माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छ पेयजल तथा शौचालय की सुविधा विभिन्न स्थलों पर मुहैया करवाई गई है। इसके अतिरिक्त मेले के दौरान श्रद्धालुओं को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने को चिंतपूर्णी अस्पताल में 24 घंटे सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

बिकाऊ और खाऊ नहीं चलेंगे, अपने विधायकों को बिकने से बचाएं जयराम : मुख्यमंत्री

जनसभा : बिकाऊ और खाऊ नहीं चलेंगे, अपने विधायकों को बिकने से बचाएं जयराम : मुख्यमंत्री

प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की श्रद्धांजलि एवं प्रार्थना सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

नमन : प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री की श्रद्धांजलि एवं प्रार्थना सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने दिवंगत प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री को श्रद्धाजंलि दी

संवेदनाएं व्यक्त : मुख्यमंत्री ने दिवंगत प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री को श्रद्धाजंलि दी

शिक्षा में सुधार के लिए किया 300 करोड़ का प्रावधानःसुखविंदर सिंह सुक्खू

सरकार गांव के द्वार : शिक्षा में सुधार के लिए किया 300 करोड़ का प्रावधानःसुखविंदर सिंह सुक्खू

सीएम ने गगरेट में 33 करोड़ की परियोजनाओं के शिलान्यास किए, मरवाड़ी स्‍कूल औचक दौरा किया

सरकार गांव के द्वार : सीएम ने गगरेट में 33 करोड़ की परियोजनाओं के शिलान्यास किए, मरवाड़ी स्‍कूल औचक दौरा किया

भारतीय सेना के शौर्य व अदमय साहस याद दिलाता है विजय दिवस: लेफ्टिनेंट कर्नल एसके कालिया

वीरता : भारतीय सेना के शौर्य व अदमय साहस याद दिलाता है विजय दिवस: लेफ्टिनेंट कर्नल एसके कालिया

जल शक्ति विभाग में भरे जाएंगे 10 हजार पद: सीएम

घोषणा : जल शक्ति विभाग में भरे जाएंगे 10 हजार पद: सीएम

मुख्यमंत्री ने ऊना जिला में 288 करोड़ रुपये लागत की परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए

विकासकार्य : मुख्यमंत्री ने ऊना जिला में 288 करोड़ रुपये लागत की परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए

VIDEO POST

View All Videos
X