
शिमला, 24 अक्तूबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य वन्यजीव बोर्ड की 12वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में औद्योगिक विकास, सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमावर्ती आधारभूत अधोसंरचना, सड़क सुविधा, गैर-वानिकी कार्यों के लिए वन भूमि के उपयोग तथा वन्यजीव संरक्षण से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। इन प्रस्तावों पर विकास की आवश्यकताओं, राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विचार-विमर्श किया गया।
बोर्ड ने जिला कांगड़ा के संसारपुर टैरेस औद्योगिक क्षेत्र, फेज-1 में प्लॉट नंबर 53 और 54 पर मैसर्स सीएमजी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सक्रिय औषधि सामग्री (एपीआई) और इंटरमीडिएट्स निर्माण इकाई स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। बैठक में लाहौल-स्पीति जिले की स्पीति तहसील के मुहाल लालुंग और धार चोकुला काजा में बॉर्डर आउट पोस्ट लालुंग की स्थापना के लिए जिला किन्नौर के रिकांगपिओ स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की
17वीं बटालियन के पक्ष में 1.78.20 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, जिला किन्नौर में फॉरवर्ड पोस्ट निथल थाच की स्थापना के लिए कुल्लू स्थित आईटीबीपी की दूसरी बटालियन के पक्ष में 1.60 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
बोर्ड के समक्ष जिला किन्नौर की सांगला तहसील में नागस्ती के समीप उत्तरी सीमा पर सैन्य आधारभूत ढांचे के विकास के लिए रकछम-छितकुल वन्यजीव अभयारण्य के भीतर 00-27-50 हेक्टेयर वन भूमि 11 महार रेजिमेंट/मुख्यालय 136 (स्वतंत्र) इन्फैंट्री ब्रिगेड समूह के पक्ष में हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
बैठक में मैसर्ज गोयल फर्नेस प्राइवेट लिमिटेड की मौजूदा सेकेंडरी मेटलर्जिकल इकाई के विस्तार प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस विस्तार के तहत एमएस इंगोट्स की उत्पादन क्षमता 19,200 टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 96,600 टन प्रतिवर्ष करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही अतिरिक्त इंडक्शन फर्नेस, कंटीन्यूअस कास्टिंग मशीन और रोलिंग मिल स्थापित कर 77,280 टन प्रतिवर्ष राउंड, एंगल, चैनल, टीएमटी बार और फ्लैट्स का उत्पादन किया जाएगा।
मंडी जिले के सराज वन मंडल में शिकारी देवी वन्यजीव अभ्यारण्य के भीतर भुलाह-शिकारी देवी सड़क के विस्तारीकरण और उन्नयन के लिए हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, सराज मंडल के पक्ष में 4.72 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद लागू वैधानिक प्रावधानों तथा वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन सभी प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में मंडी जिले के सुकेत वन मंडल में कीरतपुर-मनाली फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग-154 के पुंग-भुवाणा टनल खंड पर सड़क दुर्घटनाओं के कारण वन्यजीवों की क्षति की बढ़ती घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं में उनकी क्षति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
मुख्यमंत्री ने वन्यजीव विंग से बंदरों की संख्या के पंचायतवार डेटा के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने कांगड़ा जिले के देहरा स्थित बनखंडी में निर्माणाधीन दुर्गेश अरण्य प्राणी उद्यान की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश वन विभाग के वन्यजीव विंग द्वारा हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल, शिमला के सहयोग से जारी दो पोस्टकार्ड श्रृंखलाओं ‘हिमाचल्स वाइल्ड आइकॉन्स’ और ‘हिमाचल्स वाइल्ड हेरिटेज’ का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधान मुख्य अरण्यपाल (हॉफ) डॉ. संजय सूद द्वारा लिखित पुस्तक ‘सिंप्लिफाइड प्रोसीजर्स फॉर एनालिसिस ऑफ फिजियो केमिकल टैस्ट्स इन वाटर सैंपल्स’ का भी विमोचन किया।
बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, हिमाचल प्रदेश योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, बोर्ड के सदस्य, प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन्यजीव) आलोक प्रेम नगर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की वॉकाथान को दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के खेल एवं सांस्कृतिक क्लब के शुभारम्भ अवसर पर अपने सरकारी आवास ओक-ओवर शिमला से इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर शिमला तक वॉकाथान को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वॉकाथान में निदेशालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्लब के गठन का मुख्य उद्देश्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य, खेल भावना, सांस्कृतिक गतिविधियों और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि क्लब कर्मचारियों के बीच टीम वर्क, अनुशासन, आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए खेल टूर्नामेंट, एथलेटिक प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि क्लब खेल सांस्कृतिक प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें निखारने, पारंपरिक हिमाचली संस्कृति को बढ़ावा देने, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने तथा विभागीय कर्मियों के बीच एकता और सद्भाव को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे स्वस्थ, सक्रिय और सकारात्मक कार्य वातावरण के साथ-साथ अधिकारियों और कर्मचारियों का कल्याण और सर्वांगीण विकास होगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, सचिव स्वास्थ्य आशीष सिंहमार, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कोल डैम में एडवेंचर वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का किया शुभारंभ
ऐहन से तत्तापानी तक विकसित होंगी जल क्रीड़ा गतिविधियां

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और वॉटर स्पोर्ट्स इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पर्यटन क्षेत्र से लाखों परिवारों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं, वहीं इससे राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इससे पहले बिलासपुर में भी इस प्रकार की गतिविधियां शुरू कर चुकी है। सरकार का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच आज धरातल पर साकार हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन गतिविधियों के शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर शिमला में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया और महाधिवक्ता अनूप रतन उपस्थित थे। वहीं, जिला मंडी के ऐहन में जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा, उपायुक्त अपूर्व देवगन और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
बिहडु में 2.47 करोड़ रुपये से निर्मित उप-तहसील कार्यालय का किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से वर्चुअल माध्यम द्वारा जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के बिहडु में दो करोड़ 47 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित उप-तहसील कार्यालय भवन का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को नए भवन की बधाई देते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के निष्पादन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक विवेक शर्मा के निरंतर प्रयासों से यह भवन बनकर तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि विधायक क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान और उनके कार्यों को पूरा करवाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में जारी विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मटियाणा-बंगाणा के बीच पुल के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके अतिरिक्त, 15 करोड़ रुपये की लागत से तुरकाल-पंगा पेयजल आपूर्ति योजना का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने क्षेत्र में सड़क अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत लठियाणी-कोडरा सड़क के लिए आठ करोड़ 36 लाख रुपये, बंगाणा-शांतला सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 12 करोड़ रुपये तथा हटली-तलपी सड़क के निर्माण के लिए 13 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक विवेक शर्मा ने क्षेत्र को विकासात्मक सौगातें प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के लोगों की मांगों और समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं तथा उनके समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जा रही है, जिसके लिए वे मुख्यमंत्री के आभारी हैं।
इस अवसर पर शिमला में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया महाधिवक्ता अनूप रतन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।







