
करनाल(हरियाणा), 11 सितंबर। किसानों पर लाठीचार्ज के बाद एक किसान की मौत के चलते करनाल में धरने पर बैठे किसानों का आंदोलन समाप्त हो गया है। इसको लेकर जिला प्रशासन और किसानों के बीच दो मांगों पर समझौता हुआ है। इसके तहत बसताड़ा में हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच होगी और दूसरा मृतक के परिजनों को डीसी रेट पर नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही जांच पूरी होने तक एसडीएम आयुष सिन्हा को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया है। इसके बाद गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों के बीच आकर धरने को समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने किसानों से अब दिल्ली के टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर कूच करने को कहा है।
बताया जा रहा है कि समझौता शुक्रवार देर रात ही हो गया था। इसकी जानकारी शनिवार सुबह दोनों पक्षों ने एक प्रेस कान्फ्रेंस करके दी। शनिवार सुबह किसानों ने धरना भी समेट लिया। धरना खत्म होने की घोषणा के बाद जिला सचिवालय पर लगा टेंट उखाड़ दिया गया। टेंटों का सारा सामान इकट्ठा कर गाड़ी में रख दिया गया।
बताते चलें कि करनाल प्रशासन के अधिकारी बसताड़ा टोल पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज की जांच कराने को मान गए हैं। जांच रिटायर्ड जज करेंगे, जो एक महीने में पूरी की जाएगी। प्रशासन ने लाठीचार्ज में मारे गए किसान के बेटे को नौकरी देने की मांग भी मान ली है। अब प्रशासन द्वारा मृतक के परिजन को एक हफ्ते के अंदर डीसी रेट पर नौकरी दी जाएगी। वहीं मृतकों और घायलों को मुआवजे का राशि तय नहीं हो पाई है, लेकिन उन्हें मुआवजा जरूर दिया जाएगा। किसानों के साथ चर्चा में उपायुक्त निशांत कुमार यादव और पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया शामिल हुए।