
धर्मशाला(कांगड़ा), 24 मार्च। खादी और ग्रामोद्योग कमीशन के पूर्व अध्यक्ष और कांगड़ा के गांधीवादी नेता लक्ष्मी दास राजधानी दिल्ली में हिमाचलियों द्वारा संचालित दिल्ली के सबसे बड़े सहकारी बैंक कांगड़ा सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष चुने गए।
उन्होंने सीधे मुकाबले में अपने प्रतिद्वंदी सुदेश शुक्ला को रिकॉर्ड 2347 मतों से पराजय दी और विरोधी की जमानत जब्त करवाई। उनके नेतृत्व में उनके पैनल ने बैंक के सभी पदाधिकारियों और निदेशक मण्डल के चुनावों में भारी बहुमत से जीत दर्ज की।
वह इस प्रतिष्ठित पद पर पांचवीं बार चुने गए हैं। 75 वर्षीय लक्ष्मी दास कांगड़ा जिला के बाथू टिपरी गांव से संबंध रखते हैं। उन्होंने अपनी मेट्रिक की परीक्षा वर्ष 1962 में राजकीय उच्च विद्यालय बाथू टिपरी से पास करने के बाद 1963 में आचार्य विनोदा भावे से प्रेरित होकर भूदान आंदोलन में सक्रिय हिस्सेदारी लेनी शुरू कर दी। वह हिमाचल खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष तथा हिमाचल भूदान बोर्ड के सदस्य सचिव रहे।
वह इस समय हिमाचल खादी ग्रामोद्योग फेडरेशन के अध्यक्ष है तथा ऑल कॉपरेटिव बैक और क्रेडिट सोसाइटीज के अध्यक्ष हैं। उनके चुनाव पर दिल्ली में कार्यरत हिमाचली संस्थाओं ने उन्हें बधाई दी और इसे हिमाचलियों के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।







