
मुंबई, 21 अगस्त। एशिया की सबसे बड़ी मजदूर यूनियन "फिल्म स्टूडियो सेटिंग एंड अलाइड मजदूर यूनियन" ने निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की कंपनी मेसर्स एक्सेल एंटरटेनमेंट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन ने कंपनी को एक पत्र लिखकर मांग की है कि वे सिनेमा जगत के लगभग 300 से 400 श्रमिकों का लंबे समय से बकाया मेहनताना भुगतान करें अन्यथा फ़िल्म इंडस्ट्रीज के श्रमिक उनके खिलाफ स्वेच्छा से असहयोग जैसे कठोर कदम उठा सकते हैं।
फिल्म स्टूडियो सेटिंग एंड अलाइड मजदूर यूनियन के जनरल सेक्रेटरी गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव ने कहा कि फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की कंपनी मेसर्स एक्सेल एंटरटेनमेंट ने मई 2022 से विभिन्न स्थानों जैसे वृंदावन स्टूडियो, दिशा स्टूडियो और टीजीआईएफ स्टूडियो- मड और वाराणसी में आउटडोर सेटिंग कार्य के लिए दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों से उनकी वेब सीरीज के लिए काम कराया और इसके बदले श्रमिकों का दैनिक वेतन नहीं दिया।
बताया जा रहा है कि इस प्रोडक्शन हाउस ने पिछले 3-4 महीनों से इन श्रमिकों के वेतन का भुगतान नहीं किया है। श्रमिकों का कुल बकाया लगभग 20-25 लाख रुपए के करीब बनता है। यूनियन की ओर से कहा गया है कि मैसर्स एक्सल एंटरटेनमेंट इन गरीब श्रमिकों का बड़े पैमाने पर शोषण कर रहा है। मजदूरों को नौकरी जाने का इतना डर है कि वे अपने साथ हुए इस घोर अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकते।
हालांकि, यूनियन ने अब इस मामले को उक्त प्रोडक्शन हाउस और सरकारी अधिकारियों के समक्ष उठाया है और मामले में उनके हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही श्रमिकों का बकाया का जल्द से जल्द भुगतान करने का अनुरोध किया है। फिल्म स्टूडियो सेटिंग एंड अलाइड मजदूर यूनियन के सभी सदस्यों की मांग है कि वंचितों की आवाज सुनी जाए और न्याय मिले।
साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि मामले को बिना समाधान के और विलंबित किया जाता है, तो श्रमिक उक्त प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ असहयोग का आह्वान कर सकते हैं। उक्त निर्माता और प्रोडक्शन हाउस के खिलाफ किसी भी तरह के असहयोग के लिए किसी भी कर्मचारी या यूनियन प्रतिनिधि को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा। यूनियन ने प्रोड्यूसर बॉडी से अनुरोध किया है कि वे अपने डिफाल्टर सदस्यों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें और उनके सदस्यों के लंबे समय से लंबित बकाया को जारी करके उनकी मदद करें।







