Tuesday, November 30, 2021
BREAKING
पहली दिसंबर से बारिश और बर्फबारी के आसार हिमाचल को देश का सबसे पसंदीदा पर्यटन गंतव्य बनाने को कृतसंकल्पःसीएम पुलिस कर्मियों के अनुबंध का मामला सीएम के समक्ष से उठाया: सत्ती निम्‍न शिवालिक पर्वत श्रृंखला की जैव-विविधता के दस्तावेजीकरण की जरूरत मुख्यमंत्री ने धर्मपुर में 381 करोड़ के लोकार्पण एवं शिलान्यास किए रेलवे ट्रैक पर जा रहा कॉलेज छात्र ट्रेन की चपेट में आया, मौत बिलासपुर का एमवीआई, मंडी के 2 एजेंटों समेत रिश्‍वत लेने के आरोप में धरा बरमाणा में चिट्टे समेत दबोचे कार सवार दो युवक हिमाचल में फिल्म उद्योग को आकर्षित करने के लिए प्रयासरतः मुख्यमंत्री राज्यपाल ने मां चिंतपूर्णी मंदिर में टेका माथा, आरोग्य भारती के अधिवेशन में शिरकत

पेरिस ओलंपिक तक भारतीय कुश्ती प्रायोजित करेगा टाटा मोटर्स, 60 पहलवानों को छात्रवत्‍ति,30 को गोद लेगी कंपनी

एफ.आई.आर. लाइव डेस्क Updated on Sunday, August 29, 2021 17:48 PM IST
पेरिस ओलंपिक तक भारतीय कुश्ती प्रायोजित करेगा टाटा मोटर्स, 60 पहलवानों को छात्रवत्‍ति,30 को गोद लेगी कंपनी

नई दिल्ली, 27 अगस्त। टोक्यो ओलंपिक में अच्छे प्रदर्शन के बाद टाटा मोटर्स ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के साथ अपने प्रायोजन को पेरिस ओलंपिक 2024 तक जारी रखने की घोषणा की। देश की अग्रणी वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स 2018 में डब्ल्यूएफआई का मुख्य प्रायोजक बना था। इस करार के बाद ही बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) द्वारा क्रिकेट खिलाड़ियों को दिए जाने वाले वार्षिक केंद्रीय अनुबंध की तरह डब्ल्यूएफआई ने देश के शीर्ष पहलवानों को वार्षिक अनुबंध देने की शुरूआत की थी। अब इस करार को 2024 पेरिस ओलंपिक तक आगे बढ़ा दिया गया।

 

हाल ही में संपन्न हुए टोक्यो ओलंपिक में रिकॉर्ड सात भारतीय पहलवानों ने क्वालीफाई किया था। इसमें से रवि दहिया ने रजत जबकि बजरंग पूनिया ने कांस्य पदक जीता। दीपक पूनिया मामूली अंतर से कांस्य पदक जीतने से चूक गए थे। नए करार का नाम ‘मिशन 2024 पेरिस ओलंपिक- द गोल्ड क्वेस्ट’ है। इसके तहत जूनियर स्तर पर विकास के लिए 60 पहलवानों को छात्रवृत्ति दी जाएगी और कंपनी देश के 30 शीर्ष खिलाड़ियों को गोद लेगी। इसमें उनके अभ्यास का पूरे खर्च का वहन शामिल है। करार से खिलाड़ियों को विदेशी कोच रखने में मदद मिलेगी और वे विदेशों में अभ्यास भी कर सकेंगे।

 

इस दौरान डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस करार के बाद महासंघ जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मुहैया करवा सकेगा। उन्होंने कहा कि ‘जब खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच जाते हैं तो सरकार से उन्हें पूरा समर्थन मिलता है लेकिन जूनियर स्तर पर उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस करार के बाद हम जूनियर स्तर के खिलाड़ियों का बेहतर समर्थन कर पाएंगे।’

 

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएफआई अब ऐसे राज्यों पर ध्यान देगा जो इस खेल में अपेक्षाकृत कमजोर हैं। सिंह ने कहा कि ‘हमारा ध्यान अब ऐसे राज्यों पर है जो इस खेल में दूसरे राज्य से कमजोर हैं। हम उन राज्यों में ज्यादा ध्यान देकर वहां के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने की कोशिश करेंगे।’ इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में सिंह और कंपनी के अधिकारियों के अलावा टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले पहलवानों में से बजरंग पूनिया, रवि दहिया, विनेश फोगाट, सोनम मलिक, अंशु मलिक और सीमा बिस्ला मौजूद थे। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को कुश्ती को 2032 ओलंपिक तक गोद लेने की घोषणा की थी।

VIDEO POST

View All Videos