
शिमला,13 अगस्त। हिमाचल प्रदेश की तेहरवीं विधानसभा का बारहवां सत्र आज समाप्त हो गया। यह मॉनसून सत्र 2 अगस्त, 2021 आरम्भ हुआ तथा इस मानसून सत्र के दौरान कुल 10 बैठकें आयोजित की गई। 5 अगस्त व 12 अगस्त, 2021 के दिन गैर सरकारी कार्य दिवस के लिए निर्धारित किये गये थे। इस माननीय सदन की कार्यवाही 46 घंटे 11 मिनट चली। कोरोना महामारी के चलते हांलाकि इस सत्र का आयोजन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था लेकिन विधान सभा सचिवालय के अधिकारी व कर्मचारी इसके आयोजन के लिए पूरी तरह सजग व समर्पित थे। हिमाचल प्रदेश सरकार के बहुमूल्य सहयोग तथा इन सभी के प्रयासों से ही यह संभव हो पाया है।
विस के उपनिदेशक लोक संपर्क एवं प्रोटोकॉल हरदयाल भारद्वाज की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सत्र में जनहित के महत्वपूर्ण विषयों पर प्रश्नों के माध्यम से चर्चा हुई व सुझाव दिए गये जिनके दूरगामी परिणाम होंगे। इस सत्र के दौरान कुल 402 तारांकित तथा 184 अतारांकित प्रश्नों की सूचनाओं पर सरकार द्वारा उत्तर उपलब्ध करवाए गए। नियम-46 के अन्तर्गत एक प्रस्ताव प्रस्तुत हुआ जिस पर माननीय मन्त्री द्वारा अपने सुझाव दिये गये । नियम-61 के अन्तर्गत 3 विषयों, नियम-62 के अन्तर्गत 13 विषयों, व नियम-130 के अन्तर्गत 5 प्रस्तावों पर माननीय सदस्यों ने सार्थक चर्चा की। इसके अतिरिक्त नियम-101 के अन्तर्गत 4 गैर-सरकारी संकल्प प्रस्तुत हुए तथा चर्चा की तथा माननीय सदस्यों ने अपने बहुमुल्य सुझाव दिये व संकल्प वापिस लिए गए। एक संकल्प सदन द्वारा पारित किया गया। जिसे आगामी कार्रवाई हेतु सरकार को प्रेषित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त 2 सरकारी विधेयक भी सभा में पुर:स्थापित एवं सार्थक चर्चा हुई। जिनमें से एक विधेयक पर माननीय सदस्यों से संशोधन भी प्राप्त हुए उसके उपरान्त उस विधेयक को प्रवर समिति को सौंपा गया तथा एक विधेयक सदन द्वारा पारित किया गया। नियम-324 के अन्तर्गत विशेष उल्लेख के माध्यम से 12 विषय सभा में उठाये गये तथा सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में वस्तुस्थिति की सूचना सभा व माननीय सदस्यों को दी गई। सभा की समितियों ने भी 29 प्रतिवेदन सभा में उपस्थापित किये । इसके अतिरिक्त मन्त्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों से सम्बन्धित दस्तावेज भी सभा पटल पर रखे गए तथा महत्वपूर्ण वक्तव्य भी दिये गए।
इस सत्र के दौरान प्रथम दिन जहां माननीय सदस्यों द्वारा छ: बार के मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह, मुख्य सचेतक स्वर्गीय नरेन्द्र ब्रागटा को सदन में श्रद्धांजलि दी गई वहीं विधानसभा के पूर्व सदस्यों जिनका पिछले सत्र के बाद निधन हुआ था को भी श्रद्धांजलि दी गई। इसके अतिरिक्त पिछले एक महीने में भारी वर्षा के कारण जहां नदियां ऊफान पर थी वहीं प्रदेश के कई जिलों में भारी भू-स्खलन तथा पहाड़ दरकने की घटना हुई है। इससे जहां सड़कों, पुलों तथा फसलों को भारी नुकसान हुआ है वहीं बहुत सी बेशकिमती जिन्दगीयों को खोया है। यह बहुत ही कष्टदायक तथा अपूर्णीय क्षति है। सत्र के दौरान कोरोना महामारी के संक्रमण से सभी को सुरक्षित रखने हेतु पूर्व की भांति ऐतिहातन कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। माननीय सदस्यों के लिए सदन में समाजिक दूरी अपनाने हेतु उनके आसन को 6 फुट ऊंची पोलीकार्बोनेट सीट से पृथक किया गया। सभी को सर्जिकल फेस मास्क तथा सैनिटाईजर भी उपलब्ध करवाए गए।
इसके अतिरिक्त पत्रकार दीर्घा में बैठने वाले संवाददाताओं के लिए सर्जिकल फेस मास्क तथा सैनेटाईजर उपलब्ध करवाए गए तथा उनको जारी होने वाले पास में भी कटौती की गई ताकि वह सभी एक निश्चित दूरी पर बैठ सकें। विधान सभा सचिवालय भवन, परिसर, सदन, मुख्य द्वारों तथा दीर्धाओं को दिन में एक बार सत्र आरंभ होने से पूर्व सैनेटाईज किया गया। मुख्य द्वारों पर हाथों को सैनेटाईजर करने हेतु सैनेटाईजर से लैस पैडल द्वारा चालित मशीनें को रखा गया। इसके अतिरिक्त किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विधान सभा परिसर में एंबुलेंस तथा टेस्टिंग मशीन की व्यवस्था की गई । त्वरित जांच के लिए डॉक्टर तथा पैरामेडिकल स्टाफ की टीम आईसोलेशन वार्ड में तैनात थी।
विधान सभा सचिवालय में प्रवेश पाने हेतु थर्मल स्क्रीनिंग की जाती रही। इस बार आगंतुकों को भी दर्शक दीर्घा में बैठने हेतु SOP's की परिपालना करते हुए पास जारी किये गये। इसके अतिरिक्त माननीय मुख्यमंत्री तथा मंत्रीपरिषद से मिलने आये लोगों को भी पास जारी किये गये। उनकी सुविधा हेतु विधान सभा सचिवालय की ओर से एक सम्पर्क अधिकारी को भी तैनात किया गया था ताकि उन्हें माननीय मुख्यमंत्री तथा मंत्रियों से मिलने में कोई असुविधा न हो। इस बार Phased Manner में पास जारी किये गये तथा भीड़ कम करने के लिए सत्र के कार्यों से जुड़े अधिकारियों /कर्मचारियों के पास में भी कटौती की गई थी। विधान सभा की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने हेतु सी0 सी0 टी0 वी0 कैमरा के अतिक्ति इस बार (Automated Number Plate Reading System) तथा हैड कांउट कैमरा का भी प्रबन्ध किया गया था।







