
शिमला, 24 फरवरी। प्रदेश में विधानसभा सत्र के दूसरे दिन नेता विपक्ष मुकेश कुमार अग्निहोत्री ने सदन में प्रदेश सरकार को विधायकों की जासूसी करवाने का आरोप लगाते हुए घेरा। अग्निहोत्री ने बताया कि खुफिया विभाग को दिए दिशा निर्देश के मुताबिक विधायकों के पीएसओ को गुपचुप तरीके से सुबह साढ़े 7 बजे लोकेशन देने को कहा गया है। उन्होंने कहा पीएसओ से मुखबीरी करवाने वाले अधिकारियों को हटाया जाए। ये गंभीर मामला है। मुख्यमंत्री स्पष्टीकरण दें।
प्वाइंट आफ ऑर्डर इस्तेमाल करते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार पर ये सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को पेगासस नहीं मिला तो उन्होंने विधायकों के पीएसओ को ही इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि पीएसओ को सीआईडी के व्हाट्सएप्प ग्रुप में निर्देश दिए जा रहे हैं कि सुबह 7.30 बजे से पहले अपने अपने विधायकों की लोकेशन शेयर करें और इस बारे में अपने विधायकों को न बताएं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस तरह की गतिविधियों से क्या साबित करना चाहती है।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बहुत ही महत्वपूर्ण विषय विधायकों से जुड़ा हुआ है, ‘स्पष्ट कर रहा हूँ कि किसी भी स्तर पर सरकार की तरफ से इस तरह की कोई सूचना नहीं दी गई है हालांकि सूचना कहां से आई है क्या सोर्स रिलाएबल है यह जानना भी आवश्यक है।’
विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएलए की लोकेशन पहले भी पता करते रहे हैं। पहले भी पूछा जाता रहा है कि आपकी लोकेशन कहाँ है। रूटीन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब वह भी विधायक थे तो उन्हें लोकेशन के लिए पूछा जाता है। वैसे भी पीएसओ विधायक का ही करीबी होता है। अगर ऐसा संदेश कहीं से आया है तो गलत है। सरकार ने इस तरह कोई आदेश नहीं दिए हैं। अगर ऐसा पाया गया तो कार्यवाही की जाएगी।







