
शिमला, 26 फरवरी। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में तैनात पुलिस सब इंस्पेक्टर को एक विधायक से दुर्व्यवहार करना महंगा पड़ा है। उसे सस्पेंड कर दिया गया है। मौजूदा समय में विधानसभा का बजट सत्र चला हुआ है। कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह के साथ ओल्ड बस स्टैंड के समीप पुलिस सब इंस्पेक्टर पवन बनयाल उलझ पड़े और कथित तौर पर एसआई ने एमएलए के साथ दुर्व्यवहार किया।
यह मामला सदन में भी गूंजा। इससे पहले की विपक्ष सरकार को घेरता पुलिस विभाग ने आरोपित एसआई को सस्पेंड करके विभागीय जांच बिठा दी है। साथ ही एसआई पवन को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उधर, इस मामले पर सदन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का जनप्रतिनिधियों से दुव्यवहार सहनीय नहीं है।
सीएम ने कहा कि यह मामला कुसुंपटी विधानसभा क्षेत्र से संबंध रखने वाले विधायक से संबंध रखता है। विधायक ने एसपी को लिखित शिकायत की थी। विधायक स्वयं गाड़ी चला रहे थे, विक्ट्री टनल पर जाम लगा हुआ था और विधायक अनिरुद्ध सिंह भी इस जाम में फंसे हुए थे।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि विधायक के साथ विशेषाधिकार हनन का मामला है। विधायक अनिरुद्ध सिंह ने 25 फरवरी को उन्हें 7 बजे सूचना दी थी। मैंने यह प्रस्ताव प्रधान सचिव होम और विधानसभा की विशेषाधिकार हनन समिति के हवाले किया है।
22 फरवरी की है घटना, शिकायत बाद में की
यह घटना घटना 22 फरवरी की बताई जा रही है। शिमला के ओल्ड बस स्टेंड के पास जाम लगा हुआ था और विधायक अनिरूद्ध सिंह खुद गाड़ी चलाकर चंडीगढ़ से शिमला लौट रहे थे। इस दौरान सब इंस्पेक्टर आया और जल्दी गाड़ी हटाने के लिए कहा। अनिरूध सिंह ने सब इंस्पेक्टर को अपना परिचय देते हुए विनम्र लिहाजे से बात करने को कहा। इस पर इंस्पेक्टर ने उन्हें गलत शब्दों का इस्तेमाल करके बदलसूकी की। बताया जा रहा है कि अनिरूद्ध सिंह आनंद शर्मा के शिमला दौरे के चलते व्यस्थ थे और उन्होंने देरी से मामले की शिकायत की। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष विशेषाधिकार हनन का मामला भी रखा।
अनिरूद्ध शर्मा का कहना है कि एसआई ने खराब व्यवहार किया। उन्होंने कहा, ‘मैंने इतना कहा कि अपशब्दों का इस्तेमाल ना करें।’ वह मुझे जानते नहीं थे। उन्होंने कहा कि 22 फरवरी की रात को ही उन्होंने डीएसपी कमल को शिकायत की थी। लिखित शिकायत 25 फरवरी को दी गई है।







